झोला छाप डॉक्टर ने मरीज की ली जान

आपको बता दे सोहना के सैनी से एक ऐसा अजीबो गरीब मामला सामने आया है जिसको सुनकर आप भी डर जाएँगे एक व्यक्ति को बुखार आया और वह खुद ठीक करवाने के लिए अस्पताल गया और वहा उसकी मौत हो गई । इस व्यक्ति के पिता का आरोप है कि उनके पुत्र को बिना डिग्री वाले झोला छाप अस्पताल चलाने वाले डाक्टर ने गलत इंजेक्शन लगा दिया था। शिकायत के आधार पर सोहना शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कर लिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है ताकि मौत की वजह का साफ पता चल सके और डॉक्काटर पर करवाई हो।

व्यंग बाण … डॉक्टर… झोलाछाप डॉक्टर | हमार पूर्वांचल

बता दे गांव रायसीना निवासी मुनेश कुमार को बुखार आने पर उनके पिता मदनलाल ने नौ अक्टूबर की सुबह छह बजे अपने पुत्र को सोहना के सैनी अस्पताल में भर्ती कराया था । अपने आप को डाक्टर बताने वाले लालचंद सैनी ने इलाज करना शुरू किया।पिता के मुताबिक उन्होंने अपने पुत्र को भर्ती करते वक्त डॉक्टर को अपने हाथ से 17 हजार रुपये अस्पताल को दिए थे। शाम तक मरीज का बुखार पूरी तरह से उतर गया तो पिता ने घर ले जाने की इच्छा जताई। डॉक्टर ने यह कहते हुए मना कर दिया कि मुनेश की कई जांच होनी हैं। दस अक्टूबर को देर रात मुनेश शौचालय गया तो उसे चक्कर आ गया।

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बता दे अस्पताल में मुनेश के साथ उनके साला तेजपाल देखभाल के लिए मौजूद थे। उन्होंने सो रहे लालचंद सैनी को बताया एक डॉक्टर आया और इंजेक्शन मुनेश को लगाकर चला गया । डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने के बाद मुनेश की हालत खराब हो गई। रात दो बजे तेजपाल ने लालचंद सैनी से मिलने की कोशिश की तो स्वास्थ्य कर्मी ने मिलने से रोक दिया। मुनेश सुबह छह बजे तक मरीज तड़पते रहा। उनके साले ने यह भी अनुरोध किया कि किसी दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दें लेकिन किसी ने नहीं सुनी।