MP के 3 जिलों से गुजर रहा Delhi-Mumbai Expressway, इन 8 inter section से ही मिल पाएगी एंट्री, जानें पूरा रूट

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उज्जैन, देवास, इंदौर को भी जोड़ा जाएगा. मध्य प्रदेश में 8 इंटरसेक्शन इस एक्सप्रेस-वे में बनाए जाएंगे, जिनके जरिये प्रदेश की सड़कें जुड़ेंगी. इसमें रतलाम में धामनोद, रावटी, जावरा, नामली, मंदसौर में भानपुरा, गरोठ, सीतामऊ और झाबुआ में थांदला के पास इंटरसेक्शन बनाया जा रहा है. इन्हीं इंटरसेक्शन से लोग एक्सप्रेस-वे पर जा सकेंगे और उतरकर अपने जिले में प्रवेश कर सकेंगे.

हर इंटरसेक्शन के दोनों तरफ टोल नाके बनेंगे. एक्सप्रेस-वे पर जाने से पहले वाहन चालकों को टोल चुकाना होगा. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, वडोदरा की ओर से मध्य प्रदेश के मेघनगर से लगी अनास नदी के पास से प्रदेश में प्रवेश करेगा. यह थांदला, सैलाना, खेजड़िया, शामगढ़, गरोठ, भवानीमंडी, कोटा होकर दिल्ली पहुंचेगा जबकि दिल्ली की ओर से यह राजस्थान के भवानीमंडी क्षेत्र से मप्र सीमा में एंट्री करेगा.

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस -वे मालवा-निमाड़ (Malwa-Nimar Region) क्षेत्र में विकास के नए रास्ते खोलेगा. धार, झाबुआ, रतलाम, देवास, इंदौर , उज्जैन, मंदसौर दिल्ली-मुंबई, गुजरात (Gujarat) और राजस्थान (Rajasthan) के सीधे कनेक्ट हो जाएंगे. इन जिलों के किसान बड़ी मंडियों में अपनी उपज बेच सकेंगे. सब्जियां भी लंबी दूरी की मंडियों तक आसानी से कम समय में पहुंच सकेंगी.

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कोचिंग सिटी कोटा पहुंचने में इन जिलों के छात्रों को कम समय लगेगा. दिल्ली-मुंबई और गुजरात-राजस्थान की यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों को भी सहूलियत हो जाएगी. कच्चा माल दिल्ली, मुंबई सहित अन्य प्रदेशों की राजधानियों (Bharatmala project Current Status 2022) से आना आसान होगा.

मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस-वे जयपुर, किशनगढ़, अजमेर, कोटा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, अहमदाबाद, वडोदरा और सूरत जैसे व्यापारिक केंद्र के बीच कनेक्टिविटी बढ़ेगी. रतलाम रेल मंडल होने से कनेक्टिविटी मिलेगी. पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. रतलाम के आसपास उज्जैन, नीमच, इंदौर को भी इसका फायदा मिलेगा.

औद्योगिक एवं वित्तीय विकास से नौकरियों के अवसर बनेंगे. भोपाल के आसपास के शहरों से दिल्ली-मुंबई के लिए नया रास्ता खुलेगा. इसके अलावा अगर आप एक्सप्रेसवे पर यात्रा कर रहे हैं और किसी कारणवश कोई दुर्घटना हो जाती है तो एक्सप्रेसवे के किनारे ही उपचार मिलेगा. नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) पीपीपी मॉडल पर एक्सप्रेसवे के किनारे अस्पताल बना रही है.

मध्य प्रदेश के तीनों जिलों में (झाबुआ में 50.5 किमी, रतलाम में 91.1 किमी और मंदसौर में 102.8 किमी) एक्सप्रेस-वे की लंबाई करीब 244 किमी है. झाबुआ के तलावड़ा से महूड़ी का माल से एक्सप्रेस-वे रतलाम में प्रवेश करेगा. रावटी, सैलाना, पिपलौदा, व जावरा के कुम्हारी होकर मंदसौर के लसुड़िया से मंदसौर जिले में जाएगा. रतलाम जिले के 87 गांवों से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे होकर गुजरेगा. एक्सप्रेस-वे गरोठ में शामगढ़ रोड और भानपुरा में नीमथुर से प्रवेश कर सकेंगे. मंदसौर जिले से एक एंट्री सीतामऊ से भी मिलेगी. गरोठ और जावरा में लॉजिस्टिक हब बनाया जाएगा. बसई के पास की जमीन पर उद्योग लगाए जाएंगे. इसी तरह कई जगह कंटेनर जोन भी बनाए जा सकते हैं. यह एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में प्रगति के रास्ते खोलेगा.

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MP में 214 पुल, 511 पुलियां, 100 छोटे-बड़े अंडरपास और 7 टोल बूथ बनाए जा रहे हैं. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से इंदौर, उज्जैन को भी जोड़ा जा रहा है. देवास, उज्जैन और गरोठ के बीच नया फोर लेन रोड बनाकर इंदौर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ा जा रहा है. इंदौर से गरोठ तक कुल 173 किलोमीटर फोरलेन सड़क बनाई जा रही है. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1890 करोड़ रुपए बताई जा रही है. अभी इंदौर से गरोठ जाने के लिए घूमकर 240 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है. साढ़े चार से पांच घंटे लगते हैं. नया फोरलेन बनने के बाद इंदौर से गरोठ के बीच की दूरी घटकर 190 किलोमीटर रह जाएगी, जिसे सवा दो से ढाई घंटे लगेंगे