दिल्ली में 26 जनवरी को लेकर पुलिस अलर्ट, ‘तीसरी नजर’ करेगी भीड़भाड़ वाले इलाकों की चौकसी

26 जनवरी को लेकर अलर्ट दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने करीब 150 से ज्यादा ‘तीसरी नजर’ (Tisari Nazar) के नाम से चर्चित CCTV कैमरे वाली PCR वैन (PCR Van) को सड़कों को उतारा है, जिससे दिल्ली के भीड़भाड़ वाले लोकेशन में भी इस चलते फिरते CCTV कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही है. 26 जनवरी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने एक विशेष तरह के आधुनिक PCR वाहन को दिल्ली की सड़कों पर उतारा है.

ये बेहद आधुनिक और बेहतरीन गुणवत्ता वाले कैमरे से लैस हैं. इससे किसी भी बड़ी वारदात करने वालों पर लगाम लगाने या अन्य बड़े कार्यक्रम के दौरान हर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने में दिल्ली पुलिस के लिए बेहद मददगार साबित हो सकती हैं.


दिल्ली हमेशा से आतंकियों के रडार पर रहा है, दिल्ली में अक्सर संदिग्ध गतिविधियों की खबरें आती रहती है. लिहाजा इसी बात के मद्देनजर पिछले साल ही दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना (IPS Rakesh Asthana) ने गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में हुई चर्चा में उन्होंने इस तरह के नए उपकरणों से वाले PCR वैन को दिल्ली के हर महत्वपूर्ण और संदिग्ध गतिविधियों वाले लोकेशन, कोई बड़ी रैली, कार्यक्रम के आयोजन स्थल सहित थाना इलाके में तैनात करने की सलाह दी थी.

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने CCTV वाले वैन की तैनाती के लिए एक सलाह दिया था. जिसके बाद कमिश्नर राकेश अस्थाना ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में अन्य वरिष्ठ अधिकारी के साथ उन्होंने बैठक भी की थी, जिसके बाद इस तरह के उपकरणों वाले पीसीआर वैन को दिल्ली की सड़कों पर उतारा गया है.

कंट्रोल रूम से किया जा रहा है मॉनिटर
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस विशेष वैन में लगे CCTV के कैमरे द्वारा हर गतिविधियों और PCR की मूवमेंट को ITO पर स्थित PHQ के कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग किया जा रहा है. इस कैमरे की खासियत ये भी है कि ये अपने आसपास 360 डिग्री विजुअल मॉनिटरिंग करने में माहिर है. रात के वक्त भी इसकी विजुअल क्वाॅलिटी बहुत उम्दा है.

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक फिलहाल 150 विशेष पीसीआर वैन को हमने सड़कों पर उतारा है लेकिन आने वाले वक्त में इस तरह के आधुनिक CCTV वाले वैन की संख्या को और ज्यादा बढ़ाया जाएगा, इसकी सख्या करीब डेढ़ हजार तक किया जाएगा, जिससे दिल्ली के हर जिले में हर थाना अंतर्गत कम से कम चार गाड़ियों को वहां तैनात किया जा सके.