मित्रों! अब हफ्ते में 2 नहीं 3 दिन आराम करो। नए श्रम कानून में हफ्ते में 3 दिन छुट्टी का है प्रावधान।

छुट्टी किसे पसंद नही होता। सरकारी हो या प्राइवेट कर्मचारी सबको छुट्टी का बेसब्री से इंतजार होता है। कुछ लोग तो अपना अवकाश बचा के रखते है। चाहे वो साप्ताहिक अवकाश हो या अपना बचाया हुआ अवकाश लोगों को छुट्टी का दिन बहुत भाता है। आज हम आपको अवकाश के जुड़े एक ऐसे ही खबर के बारे में बताने वाले है जिसे सुनकर आप प्रसन्न हो जाएंगे। तो आइये जानते है इस खबर के बारे में।

छुट्टी के नियमों में बदलाव संभव।

बहुत जल्द कर्मचारियों को काम के घंटे और दिनों में राहत मिल सकती है। जल्दी ही हफ्ते में पांच दिन की जगह 4 दिन नौकरी करनी होगी और दो दिन की जगह हफ्ते में 3 दिन छुट्टी रहेगी। देश में बन रहे नए श्रम कानूनों के तहत आने वाले दिनों में हफ्ते में तीन दिन छुट्टी मिल सकती है।

अब सप्ताह में 4 दिन काम।

नए लेबर कोड में नियमों में ये विकल्प भी रखा जाएगा, जिस पर कंपनी और कर्मचारी आपसी सहमति से फैसला ले सकते हैं। नए नियमों के तहत सरकार ने काम के घंटों को बढ़ाकर 12 तक करने को शामिल किया है। काम करने के घंटों की हफ्ते में अधिकतम सीमा 48 घंटे रखी गई है, ऐसे में काम के दिन घट सकते हैं।

हर 5 घंटे काम के बाद 30 मिनट का आराम।

नए ड्राफ्ट कानून में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव पेश किया है। कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। मौजूदा नियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है। ड्राफ्ट नियमों में किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम कराने की मनाही है। कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का रेस्ट देना होगा ।

वेतन में कमी और पीएफ में बढ़ोत्तरी।

नए ड्राफ्ट रूल के अनुसार, मूल वेतन कुल वेतन का 50% या अधिक होना चाहिए। इससे ज्यादातर कर्मचारियों की वेतन का स्ट्रक्चर में बदलाव आएगा। टेक होम सैलेरी कम हो सकती है और पीएफ का अमाउंट बढ़ सकता है।

इस तरह यह खबर कर्मचारियों के लिए जरूर सुकून भरा हुआ है। अब यह कानून कितना सफल है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।