हिंदुओं के विरोध के आगे झुका प्रशासन, आठ जगहों पर नमाज़ के लिए दी गई अनुमति रद्द

गुरुग्राम में सेक्टर 12 में सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़ने का विरोध होने के बाद अब गुरुग्राम प्रशासन ने 37 नामित स्थलों में से 8 स्थानों पर नमाज पढ़ने की अनुमति को रद्द कर दिया है। क्योंकि आमजनों को इससे परेशानी हो रही थी और घंटों ट्रैफिक जाम भी लग रहा था। कई अन्य इलाकों में भी स्थानीय लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है। ऐसे में अब प्रशासन ने इन जगहों पर नमाज पढ़ने की अनुमति रद्द कर दी है।

कौन-सी जगह हैं शामिल ?

बता दें कि 2 नवंबर मंगलवार को जिला प्रशासन ने जिन स्थानों पर नमाज अदा करने की अनुमति रद्द की है, उनमें बंगाली बस्ती सेक्टर-49, वी-ब्लॉक डीएलएफ-III, सूरत नगर फेज-1, खेड़ी माजरा गांव के बाहर, द्वारका एक्सप्रेसवे पर दौलताबाद गांव के पास, सेक्टर-68 गांव रामगढ़ के पास, डीएलएफ स्क्वायर टॉवर के पास और गांव रामपुर से नखडोला शामिल हैं।

समीक्षा के लिए नई समिति

इस मामले में गुरुग्राम के उपायुक्त यश गर्ग ने एक उप-विभागीय मजिस्ट्रेट, एक एसीपी-स्तरीय पुलिस अधिकारी, हिंदू और मुस्लिम समुदायों के सदस्यों और सामाजिक संगठनों की एक समिति का गठन किया है। जिसके जरिए उन स्थानों की सूची तैयार की जाएगी, जहां भविष्य में शुक्रवार की नमाज पढ़ी जा सके।

साथ ही ये भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर नमाज न पढ़ी जाए। इसका भी ध्यान रखा जाएगा कि जहाँ नमाज पढ़ने की अनुमति मिले, वहाँ के लोगों को इससे कोई आपत्ति न हो।
बता दें कि विरोध के बीच सोमवार को मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने डीसी गर्ग से मुलाकात कर मांग की थी कि प्रशासन या तो उन्हें मस्जिद बनाने के लिए अतिरिक्त जमीन आवंटित करे या फिर 19 मस्जिदों और वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराये।

नमाज़ की अनुमति वापस लेना ‘असंवैधानिक’

मुस्लिम एकता मंच के अध्यक्ष शहजाद खान ने 8 स्थानों पर नमाज की अनुमति वापस लेने को ‘असंवैधानिक’ बताया। उन्होंने कहा, “हम समिति की बैठक में इसका विरोध करेंगे। मेरी समझ से परे है कि आखिर किस दबाव में यह फैसला लिया गया। साथ ही खान ने कहा कि हमने अधिकारियों के साथ बैठकों में सहमति जताई थी कि अगर हिंदू समुदाय नमाज की जगह पर पूजा करना चाहता है तो हम सेक्टर 12 वाली जगह से स्थानांतरित हो जाएंगे।