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“हरियाणा में गौमाता के लिए एक नया घर: पहली ‘काऊ सेंक्चुरी’ की शुरुआत”

हरियाणा की पहली ‘काऊ सेंक्चुरी’: गौमाता के लिए नेचुरल अभयारण्य

हरियाणा सरकार की नई पहल:
हरियाणा सरकार ने गौमाता के संरक्षण के लिए बड़ी पहल की है, शुरू की गई है देश की पहली काऊ सेंक्चुरी, जिसे गायों का अभ्यारण्य भी कहा जाता है। इसके लिए हसनपुर गांव में एक विशेष प्रकार की प्राकृतिक जगह का चयन किया गया है, जहां गायों को प्राकृतिक वातावरण, चारा, और पानी की सुविधा मिलेगी।

गायों के लिए नया घर:
इस सेंक्चुरी के लिए पंचायती जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा, जो गायों को प्राकृतिक जीवन और उचित देखभाल देगी। इस पहल के तहत, बेसहारा गायों को भी नया आवास देने का उद्देश्य है। शहरी क्षेत्रों में बेसहारा गायों के अंकड़े में वृद्धि और गौशालाओं की कमी ने इस पहल को और भी महत्वपूर्ण बनाया है।

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अनुसंधान और सुरक्षा:
गायों के अभ्यारण्य की योजना में 25 करोड़ रुपए का बजट है। यहां गौशालाओं की तरह नहीं होंगी हालात। सेंक्चुरी में गायों को सही देखभाल मिलेगी, जो इन्हें प्लास्टिक या अन्य हानिकारक पदार्थों से बचाएगी।

एक संरक्षणीय कदम:
यह पहल बेसहारा गायों को सही देखभाल, शांति और स्वच्छता के साथ नया घर देने का एक संरक्षणीय कदम है। इससे न केवल गौमाता की सुरक्षा होगी बल्कि उन्हें प्रदूषण से भी बचाया जा सकेगा।

महत्त्वपूर्ण विशेषताएं:

  • गायों को अलग-अलग बाड़ों में रखा जाएगा और उनके लिए विशेष चारा ग्राउंड तैयार किया जाएगा।
  • इस सेंक्चुरी में देसी गायों के लिए अलग सेंटर और पशु अस्पताल भी बनाए जाएंगे।
  • गायों से मिलने वाली चीजों के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी होगा।
  • इससे मेच्योर गायों, बछड़ों, बैलों और क्रॉस ब्रीड के लिए अलग-अलग हिस्से भी बनेंगे।
  • हसनपुर हॉस्पिटल के वैटेनरी डॉक्टर को इसका डिप्टी डायरेक्टर बनाया जा सकता है।
  • वाइल्डलाइफ और नैशनल पार
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्क की तर्ज पर काम करने के लिए इस सेंक्चुरी को बनाया जा रहा है।

संभावनाएं:
इस पहल से न केवल हरियाणा की गौरक्षा में बढ़ोतरी होगी, बल्कि लोग भी गौमाता की रक्षा में सहयोग कर सकेंगे। इससे अच्छे स्वास्थ्य और पर्यावरण के साथ जुड़े रहने वाले बेसहारा गायों के लिए एक सार्थक और सुरक्षित जीवन का एक नया दौर आरंभ हो सकता है।