हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचएमआरटीसी) बोर्ड ने गुरुग्राम के सेक्टर-56 से लेकर पचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो रूट की Detailed Project Report (DPR) को मंजूरी दे दी है। इस मेट्रो रूट के निर्माण पर कुल 8519 करोड़ रुपये की लागत आएगी। राइट्स द्वारा तैयार की गई इस डीपीआर में लगभग 36 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन पर 28 एलिवेटेड स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है।
क्या है खास इस मेट्रो रूट में?
इस प्रस्तावित मेट्रो रूट पर सभी स्टेशन एलिवेटेड होंगे, और इनका निर्माण विभिन्न प्रमुख इलाकों में किया जाएगा। एचएमआरटीसी बोर्ड ने सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA), पर्यावरण इम्पैक्ट असेसमेंट (EIA), और अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट को भी मंजूरी दी है। अब इस परियोजना को केंद्र सरकार से मंजूरी प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार के माध्यम से भेजा जाएगा।
स्टेशन और रूट का विवरण
- सेक्टर-56 में इंटरचेंज स्टेशन का निर्माण किया जाएगा, जो साइबर सिटी और रैपिड मेट्रो के सेक्टर-56 स्टेशन से जुड़ा होगा।
- इसके बाद, गोल्फ कोर्स रोड, सेक्टर-61, सेक्टर-62, सेक्टर-66, और वाटिका चौक पर स्टेशन बनेंगे। वाटिका चौक पर इंटरचेंज स्टेशन होगा, जो भविष्य में भौंडसी से राजीव चौक तक चलने वाली मेट्रो से जुड़ेगा।
- एसपीआर पर स्टेशन निर्माण के बाद, खेड़की दौला के पास टोल प्लाजा के पास एक और स्टेशन होगा, साथ ही यहां इंटरचेंज स्टेशन भी बनाया जाएगा।
- अंतिम स्टेशनों में सेक्टर-36A, ग्लोबल सिटी, मानेसर और पचगांव शामिल हैं, जहां मेट्रो का विस्तार होगा।

सूत्रों के अनुसार, इस मेट्रो रूट के संचालन का सारा खर्चा प्रदेश सरकार द्वारा उठाया जाएगा, और इसमें केंद्र सरकार से किसी प्रकार की वित्तीय सहायता नहीं ली जाएगी। प्रदेश सरकार के अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि मेट्रो संचालन के लिए आवश्यक फंड एकत्रित करने के उपायों पर योजना तैयार की जाए।
ओल्ड गुरुग्राम में मेट्रो की योजना
ओल्ड गुरुग्राम में मेट्रो संचालन के लिए डिजाइन सलाहकार की नियुक्ति हो चुकी है, और सामान्य सलाहकार की नियुक्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया में आठ कंपनियों ने भाग लिया है। फरवरी 2024 तक सामान्य सलाहकार का चयन कर लिया जाएगा। इस परियोजना के लिए 5452 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च है, और इसमें 28.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन पर 27 स्टेशन बनाए जाएंगे।
नए मेट्रो रूट से मिलेगी यात्रा की सुविधा
यह नया मेट्रो रूट न केवल गुरुग्राम के विकास को गति देगा, बल्कि यातायात की समस्या को भी हल करेगा, जिससे लोगों को आवागमन में अधिक सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, इस परियोजना के तहत बन रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर से शहर में रोजगार और निवेश के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।
