GMRL का नया प्लान : मेट्रो रूट के लिए 8 सड़कें चौड़ी, 2 चौराहों पर अंडरपास बनाने की योजना

गुरुग्राम मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (जीएमआरएल) ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत रेजांगला चौक और बजघेड़ा चौक पर अंडरपास बनाने का प्रस्ताव रखा है। ट्रैफिक जाम से निपटने और मेट्रो निर्माण के दौरान यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए इन अंडरपास का निर्माण आवश्यक बताया गया है। यह मामला 24 दिसंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में रखा जाएगा।

मेट्रो स्टेशन के साथ अंडरपास निर्माण

रेजांगला और बजघेड़ा चौक पर मेट्रो स्टेशन का निर्माण प्रस्तावित है। जीएमआरएल के अधिकारियों के अनुसार, इन स्थानों पर यातायात का दबाव अत्यधिक है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि मेट्रो निर्माण के साथ ही अंडरपास तैयार हो जाए, तो ट्रैफिक की समस्या से राहत मिल सकती है।

आठ सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने की योजना

मेट्रो मार्ग के बीच आने वाली आठ मुख्य सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने की भी योजना है। कई सड़कें वर्तमान में सिंगल लेन हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही है। मेट्रो पिलर निर्माण के दौरान सड़कों की एक-एक लेन बंद करनी पड़ेगी, जिससे यातायात सुचारू रखना चुनौतीपूर्ण होगा। इन सड़कों को चौड़ा करने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के समक्ष पेश किया जाएगा।

बख्तावर चौक पर पहले से तय अंडरपास निर्माण

बख्तावर चौक पर अंडरपास निर्माण की योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। जीएमडीए ने इस योजना को मंजूरी दे दी है। मेट्रो के पिलर निर्माण के साथ-साथ अंडरपास का निर्माण एक साथ करने का प्रस्ताव है, जिससे समय और संसाधन दोनों की बचत होगी।

5452 करोड़ की लागत से बन रही मेट्रो

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 28.5 किलोमीटर है, जिसमें 27 स्टेशन शामिल होंगे। इस परियोजना पर 5452 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह मेट्रो मिलेनियम सिटी सेंटर से शुरू होकर हीरो होंडा चौक, सेक्टर-9 और डीएलएफ साइबर सिटी तक जाएगी।

अलाइनमेंट को फाइनल रूप

बैठक में मेट्रो मार्ग की अलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया जाएगा। जीएमआरएल की योजना के अनुसार, अधिकांश मेट्रो पिलर सड़कों के बीच में बनाए जाएंगे। सभी विभागों के सुझाव लेकर इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

निष्कर्ष

ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट शहर के यातायात प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को नई दिशा देगा। अंडरपास निर्माण और सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने जैसे कदम से ट्रैफिक की समस्या में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।