शराब के शौकीनों को दिल्ली सरकार का तोहफा, ग्राहकों को दी ये नई सुविधा

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अगर आप दिल्ली में रहते हैं और आपको शराब की दुकानों का पता लगाने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है तो दिल्ली सरकार ने आपकी समस्या का हल ढ़ूंढ़ लिया है. दरअसल जबसे दिल्ली में नई आबकारी नीति लागू हुई है तभी से राज्य में कई लोगों को शराब के ठिकाने ढ़ूंढ़ने में दिक्कत आती है. आपको बता दें अब दिल्ली के आबकारी विभाग (Excise Department) ने अपनी वेबसाइट पर शराब के दुकानों की अपडेटेड लिस्ट और उसके पते जारी कर दिए हैं.

अब ग्राहक घर बैठे ही राज्य में खुलीं नई और पुरानी शराब की दुकानों के बारे में आसानी से पता लगा सकेंगे. फिलहाल केंद्र शासित प्रदेश में 543 शराब की दुकानें चालू हैं. आपको अपनी नजदीकी शराब की दुकान के बारे में पता लगाने के लिए सबसे पहले दिल्ली सरकार की आबकारी विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा. जिसके बाद आपको लाइसेंस वाले टैब को सेलेक्ट करना होगा. इसके बाद वहां दिख रही कैटेगरी में आपको प्राइवेट सेलेक्ट करना होगा. प्राइवेट सेलेक्ट करते ही आपके स्क्रीन पर सभी 543 शराब दुकानों की सूची और उसके पते नीचे दिखने लगेंगे.

इस वेबसाइट के माध्यम से दुकानों पर मिलने वाले अलग-अलग शराब की कीमतों का भी पता लगा सकते हैं. इसके लिए आपको दिल्ली सरकार की आबकारी विभाग की उसी वेबसाइट पर जाकर प्राइस लिस्ट वाले टैब को सेलेक्ट करना होगा. इसके बाद वहां लिकर की कैटेगरी में जाकर देशी या विदेशी टाइप को सेलेक्ट कर उसकी कीमतों के बारे में पता कर सकते हैं. इसके साथ ही आप इस वेबसाइट के माध्यम से उन होटलों और रेस्टोरेंटों के बारे में भी पता लगा सकते हैं. जहां शराब परोसी जाती है.


गौरतलब है कि पिछले साल से राज्य में नई आबकारी नीति लागू है. इसके तहत राजधानी दिल्ली में 849 लाइसेंस आवंटित किए गए हैं. दिल्ली के सभी 272 वार्ड को 32 जोन में बांटा गया है. प्रत्येक जोन में करीब 27 दुकानें चलेंगी इस तरह हर एक वार्ड में शराब की करीब 3 से 4 दुकान संचालित होगी. नई आबकारी नीति लागू होने से सभी सरकारी ठेके बंद हो गए हैं.

इस नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली में शराब पीने की उम्र 25 साल से घटाकर 21 साल कर दी गई है. शराब की दुकानों का साइज बढ़ा दिया गया है और सड़क की तरफ काउंटर नहीं रखने का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा अब दिल्ली में शराब की होम डिलीवरी करने की भी इजाजत है. हालांकि किसी भी कॉलेज, स्कूल और ऑफिस में डिलीवरी करने की मनाही है.