दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन की स्थिति आने वाले महीनों में और गंभीर हो सकती है। अप्रैल 2025 से दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की 790 बसें सेवा से बाहर हो जाएंगी, जिससे लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह अब तक एक ही चरण में हटाई जाने वाली बसों की सबसे बड़ी संख्या होगी।
गर्मी में यात्रियों की बढ़ेगी मुश्किलें
गर्मियों के मौसम में बसों की कमी से यात्रियों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। हालांकि, दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने भरोसा दिलाया है कि अप्रैल से 1000 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी, जिससे बसों की संख्या में कोई बड़ी गिरावट नहीं आएगी। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बसों की आपूर्ति प्रक्रिया को तेज करने की जरूरत है, वरना यात्रियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
2025 तक हटाई जाएंगी 2000 से ज्यादा बसें
जानकारों के अनुसार, 2025 की पहली तिमाही में बड़ी संख्या में डीटीसी बसें सेवा से बाहर हो जाएंगी। आंकड़ों की मानें तो दिसंबर 2025 तक कुल 2000 से अधिक बसें हटाई जा सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछली सरकार ने इस विषय पर पर्याप्त योजना नहीं बनाई, जिससे दिल्ली की बस सेवा प्रभावित हो रही है।
क्या पूरा होगा 10,000 बसों का लक्ष्य?
पूर्व सरकार का दावा था कि 2025 के अंत तक दिल्ली में 10,000 बसों का बेड़ा होगा, जिसमें 80% बसें इलेक्ट्रिक होंगी। लेकिन मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह लक्ष्य मुश्किल नजर आ रहा है। नई सरकार के लिए यह चुनौतीपूर्ण रहेगा कि वह पुरानी बसों को हटाने के साथ-साथ नई बसों को जल्द से जल्द सेवा में शामिल करे।
किस महीने कितनी बसें होंगी बाहर?
| साल 2025 | बसों की संख्या |
|---|---|
| जनवरी-मार्च | 790 |
| अप्रैल-मई | 476 |
| जून-सितंबर | 924 |
| अक्टूबर-दिसंबर | 239 |
| साल 2026 | बसों की संख्या |
|---|---|
| जनवरी-मार्च | 108 |
| अप्रैल-मई | 15 |
| जून-सितंबर | 10 |
| अक्टूबर-दिसंबर | 4 |
निष्कर्ष
दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था इस समय संकट के दौर से गुजर रही है। अगर नई बसों की आपूर्ति प्रक्रिया तेज नहीं हुई, तो यात्रियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है। क्या नई बसें समय पर आएंगी या यात्रियों को लंबी परेशानी झेलनी पड़ेगी? इसका जवाब आने वाले महीनों में मिलेगा।
