हाल ही में डॉलर इंडेक्स में तेजी और अमेरिकी इकोनॉमी के ब्रॉडर आंकड़ों के परिणामस्वरूप गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली। बाजार में यह गिरावट अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी पॉलिसी मीटिंग से पहले बढ़ी है, जिससे निवेशकों के बीच मुनाफावसूली का माहौल बना।
दिल्ली में सोना-चांदी सस्ते हुए
राजधानी दिल्ली में सोने की कीमत में 1,400 रुपए की गिरावट आई, जिससे यह 80,000 रुपए के नीचे आ गया। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत अब 79,500 रुपए प्रति 10 ग्राम रही, जबकि 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 79,100 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। चांदी में भी 4,200 रुपए की गिरावट आई और यह 92,800 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह गिरावट दिसंबर महीने में सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
विदेशी बाजारों में भी गिरावट
विदेशी बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतें गिरी हैं। एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष जतिन त्रिवेदी के अनुसार, अमेरिकी पीपीआई (Producer Price Index) में गिरावट और बेरोजगारी दावों में बढ़ोतरी के कारण मुनाफावसूली तेज हुई। इसके परिणामस्वरूप, कॉमेक्स बाजार में सोने की कीमत 2,670 डॉलर प्रति औंस तक गिर गई, जबकि चांदी 31.17 डॉलर प्रति औंस पर रही।
क्या है गिरावट की वजह?
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के मुताबिक, डॉलर में सुधार और अमेरिका के मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों ने व्यापारियों को फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले मुनाफावसूली करने के लिए प्रेरित किया। वे बताते हैं कि अगले सप्ताह की फेड बैठक में 0.25 प्रतिशत ब्याज दर में कटौती का अनुमान है, लेकिन 2025 के लिए मौद्रिक नीति की दिशा अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
आने वाले दिनों में और गिरावट की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है, खासकर तब जब फेडरल रिजर्व के आंकड़े और नीतिगत फैसले सामने आएंगे।
