दिल्ली में विधानसभा चुनाव (Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025) की सुगबुगाहट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे। इन स्टेशनों के उद्घाटन से दिल्ली और आसपास के इलाकों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा तैयारियों में जुटी दिल्ली पुलिस
प्रधानमंत्री के दौरे को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए हैं। पूर्वी जिला पुलिस ने यमुना और कोंडली नहर में गश्त के लिए आठ मोटर बोट मांगी हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मोटर बोट शनिवार तक पुलिस को उपलब्ध करा दी जाएंगी।
पीएम मोदी का यात्रा कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह हिंडन एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशन जाएंगे। यहां से वह नमो भारत ट्रेन के जरिए आनंद विहार और फिर न्यू अशोक नगर स्टेशन तक का सफर करेंगे। इसके बाद वह खेल गांव जाएंगे और फिर हेलीकॉप्टर से पश्चिमी दिल्ली रवाना होंगे।
आरआरटीएस स्टेशनों का मेट्रो से जुड़ाव
आनंद विहार और न्यू अशोक नगर स्टेशन दिल्ली मेट्रो से कनेक्ट होंगे, जिससे दिल्ली और नोएडा के यात्री आसानी से नमो भारत ट्रेन का उपयोग कर सकेंगे। दोनों स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है।
42 किलोमीटर का सफर और आगे का विस्तार
आरआरटीएस का सफर धीरे-धीरे अपने विस्तार की ओर बढ़ रहा है।
- 20 अक्टूबर 2023: पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई डिपो के बीच 17 किलोमीटर की ट्रेन सेवा शुरू हुई।
- 6 मार्च 2024: दूसरे चरण में दुहाई से मोदीनगर नॉर्थ के बीच 17 किलोमीटर की ट्रेन चली।
- 18 अगस्त 2024: मेरठ साउथ स्टेशन पर सेवा शुरू हुई।
- वर्तमान स्थिति: साहिबाबाद से मेरठ साउथ तक कुल 42 किलोमीटर में नौ स्टेशनों पर ट्रेन चल रही है।
- आने वाला विस्तार: साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर खंड को जोड़ने के लिए ट्रायल चल रहा है। जून 2025 तक इस कॉरिडोर का काम पूरा होने की उम्मीद है, जिससे कुल दूरी 82 किलोमीटर हो जाएगी।
दिल्ली से मेरठ एक घंटे से भी कम समय में
आरआरटीएस के पूरे नेटवर्क के तैयार होने पर यात्री दिल्ली से मेरठ का सफर एक घंटे से भी कम समय में पूरा कर सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रा भी ज्यादा सुविधाजनक और आरामदायक होगी।
दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के इस नए विस्तार से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में एक नया आयाम जुड़ने जा रहा है।
