दिल्ली-एनसीआर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। इस चिलचिलाती धूप ने न केवल लोगों को परेशान कर रखा है, बल्कि बीमार भी कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी की वजह से लोग चक्कर आने, सिरदर्द, पैरों में क्रैम्प और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई लोगों को इलाज के लिए अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराना पड़ रहा है।
छोटे बच्चों पर गर्मी का कहर
एलएनजेपी अस्पताल की इमरजेंसी प्रमुख डॉ. रितु सक्सेना के अनुसार, रोजाना कई मरीज गर्मी की वजह से बीमार होकर आ रहे हैं। उल्टी, चक्कर आना, सिरदर्द और पैरों में क्रैम्प जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। इसके साथ ही डायरिया के मामले भी बढ़ रहे हैं, जो कि बाहर का खाना खाने से हो रहे हैं। इस वजह से लोग पेट में इन्फेक्शन और डायरिया का शिकार हो रहे हैं।

जान का भी खतरा
मैक्स अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन एक्सपर्ट डॉ. रोमेल टिक्कू ने बताया कि भीषण गर्मी की वजह से हीट एग्जॉर्शन हो रहा है, जिससे थकावट, सिरदर्द और वोमिटिंग जैसी समस्याएं पैदा हो रही हैं। कुछ मामलों में डिहाइड्रेशन और हीट क्रैम्प्स की वजह से पैरों के मसल्स में दर्द भी हो रहा है। हीट स्ट्रोक के मामलों में बुखार 104 डिग्री तक पहुंच जाता है, दौरे आ सकते हैं और बेहोशी की स्थिति बन सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर जान का खतरा भी रहता है।
एक्सपर्ट की सलाह: बचाव के उपाय
ज्यादा से ज्यादा समय इनडोर रहें।
दोपहर में धूप में जाने से बचें।
खूब पानी पिएं, शिकंजी और नारियल पानी का सेवन करें।
घर को ठंडा रखें।
बाहर निकलते समय सिर को ढकें और आंखों पर काला चश्मा पहनें।
नहाना जरूरी है, चाहे बुखार क्यों न हो।
दही, केला, चावल आदि को अपने डाइट में शामिल करें।
सीजनल फल जरूर खाएं, लेकिन धोकर और घर में काटकर खाएं।
बाहर के कटे हुए फल न खाएं।
बच्चों की सेहत का रखें ध्यान
फोर्टिस अस्पताल के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. अरुण गुप्ता के अनुसार, कुछ बच्चों में हीट इन्फेक्शन और हीट डिहाइड्रेशन की समस्या होती है। अधिक पसीना निकलने से सोडियम और पोटैशियम की कमी हो जाती है, जिससे इलेक्ट्रोलाइट्स लॉस होता है। ऐसी स्थिति में तुरंत ओआरएस का सेवन करें और शिकंजी पीएं। घर पर भी शिकंजी बनाई जा सकती है। डॉ. गुप्ता का कहना है कि अभी कई बच्चे गर्मी की वजह से इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
सावधान रहें और सुरक्षित रहें
भीषण गर्मी के इस दौर में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। अपनी सेहत का ख्याल रखें और गर्मी से बचने के लिए उपरोक्त सुझावों का पालन करें। अस्पताल के चक्कर लगाने से बेहतर है कि हम पहले से ही सतर्क रहें और जरूरी एहतियात बरतें।
