दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ने के कारण पुराने डीजल बसों पर पाबंदी, यात्री हुए परेशान

दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण स्तर बढ़ने के चलते अब पुराने डीजल बसों के दिल्ली में प्रवेश पर फिर से रोक लगा दी गई है। इस नई पाबंदी का असर उत्तराखंड रोडवेज पर पड़ा है, जिन्हें अपनी 194 डीजल बसों को दिल्ली रूट से हटाना पड़ेगा।

नई नियमों के तहत बदलाव

सोमवार को उत्तराखंड रोडवेज के एमडी डॉ. आनंद श्रीवास्तव ने इस फैसले के बारे में ‘हिन्दुस्तान’ को जानकारी दी। दिल्ली सरकार ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) को संशोधित करते हुए यह फैसला लिया है। अब ग्रैप-टू के तहत केवल बीएस-06, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इस बदलाव के चलते अब केवल पर्यावरण के मानकों को पूरा करने वाली बसें ही दिल्ली में चल सकेंगी।

सिर्फ 300 बसें दिल्ली भेजी जाएंगी

डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली सरकार से संबंधित आदेश प्राप्त हो चुके हैं और अब मानकों को पूरा करने वाली करीब 300 बसें ही दिल्ली भेजी जाएंगी। उत्तराखंड रोडवेज यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था करने का प्रयास कर रहा है।

इस कदम से प्रदूषण की स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन रोडवेज को अपने पुराने वाहनों को हटाने के कारण होने वाले नुकसान का सामना भी करना पड़ेगा।