दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आईजीआई एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक मेट्रो कनेक्टिविटी का प्रस्ताव दिया है। यह कदम दिल्ली-एनसीआर के दोनों प्रमुख एयरपोर्ट्स के बीच यात्री आवाजाही को सुगम बनाने के लिए उठाया गया है।
5 किमी लंबा मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित
इस प्रस्ताव के तहत करीब पांच किमी लंबा एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिस पर लगभग 950 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है। डीएमआरसी ने इस योजना को राज्य सरकार को स्वीकृति के लिए भेजने का फैसला लिया है। यह मेट्रो कॉरिडोर तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक बनेगा और गोल्डन लाइन को मजेंटा लाइन से जोड़ेगा। इसमें तीन मेट्रो स्टेशन हो सकते हैं।
नोएडा एयरपोर्ट से अप्रैल में शुरू होगी यात्री सेवा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अप्रैल में यात्री सेवाओं की शुरुआत होने जा रही है। एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, और जैसे ही वैलिडेशन फ्लाइट की सफलता मिलती है, इस एयरपोर्ट पर नियमित उड़ानें शुरू हो जाएंगी।
गोल्डन और एक्वा लाइन से जुड़ेंगे मेट्रो कॉरिडोर
इस परियोजना का एक और पहलू यह है कि गोल्डन लाइन मेट्रो तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज होते हुए एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। वहीं, सेक्टर 142 से बोटैनिकल गार्डन तक एक्वा लाइन मेट्रो को जोड़ा जाएगा, जिससे यात्री आसानी से ग्रेटर नोएडा के परीचौक तक पहुंच सकेंगे।
प्रदेश सरकार की स्वीकृति का इंतजार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने कहा, “यह एयरपोर्ट एनसीआर का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट है, और दोनों एयरपोर्ट्स के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की आवश्यकता है। डीएमआरसी का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा, और स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना को गति दी जाएगी।”
पहले भी तैयार हो चुका था मेट्रो कनेक्टिविटी का प्रस्ताव
इससे पहले भी, डीएमआरसी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आईजीआई एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की थी। इस रिपोर्ट में 37 किमी लंबा एक मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया था, लेकिन इसे भारी खर्च के कारण सरकार ने रोक दिया था।
नमो भारत परियोजना का भी प्रस्ताव
इसके अलावा, आईजीआई एयरपोर्ट को ‘नमो भारत’ रेल के माध्यम से नोएडा एयरपोर्ट से जोड़ने का भी प्रस्ताव है। इस परियोजना के लिए गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के माध्यम से एक रेल कॉरिडोर तैयार किया गया है, जिसका केंद्र से स्वीकृति का इंतजार है।
इस परियोजना से नोएडा और दिल्ली के एयरपोर्ट्स के बीच यात्री परिवहन में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे यात्रा को और भी तेज और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
