प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रिठाला-कोंडली-नाथूपुर मेट्रो कॉरिडोर को स्वीकृति मिल गई है। इससे दिल्ली और हरियाणा के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
26.463 किमी लंबा मेट्रो मार्ग
यह नया मेट्रो कॉरिडोर 26.463 किलोमीटर लंबा होगा और दिल्ली के रिठाला, बवाना और नरेला से होते हुए हरियाणा के कुंडली में नाथूपुर तक जाएगा। यह प्रोजेक्ट दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क की कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा, जिससे यात्रियों को अधिक सुविधा होगी।
परियोजना के प्रमुख आंकड़े
- लंबाई: 26.463 किलोमीटर
- कुल स्टेशन: 21
- निर्माण लागत: 6230 करोड़ रुपये
- निर्माण अवधि: 4 साल
यह परियोजना पूरी तरह से एलिवेटेड होगी और इसमें कुल 21 मेट्रो स्टेशन होंगे। यह दिल्ली मेट्रो के चौथे कॉरिडोर के रूप में हरियाणा को राजधानी से जोड़ने का कार्य करेगा। डीएमआरसी के मुताबिक, इस कॉरिडोर का 23.737 किलोमीटर हिस्सा दिल्ली में होगा, जबकि 2.726 किलोमीटर हरियाणा में स्थित होगा।
21 मेट्रो स्टेशन और 100% एलिवेटेड कॉरिडोर
यह कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड (उठा हुआ) होगा और इसमें कुल 21 मेट्रो स्टेशन होंगे। इसके निर्माण से दिल्ली के रोहिणी, बवाना और नरेला जैसे इलाकों के यातायात की सुविधा में काफी सुधार होगा। साथ ही, यह उप नगरी नरेला के विकास को भी गति देगा।
फेज चार के अन्य स्वीकृत कॉरिडोर
इसके अलावा, 13 मार्च को केंद्र सरकार ने फेज चार के दो और कॉरिडोर को स्वीकृति दी थी, जिनकी लंबाई 20.762 किलोमीटर होगी। इन दोनों कॉरिडोर में शामिल हैं:
- लाजपत नगर- साकेत जी ब्लॉक (8.385 किलोमीटर)
- इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ (12.377 किलोमीटर)
इन दोनों कॉरिडोर पर 18 स्टेशन होंगे, और इनका निर्माण जल्द ही शुरू होगा।
मेट्रो के नेटवर्क में बढ़ोतरी
मौजूदा समय में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 392 किलोमीटर लंबा है, और इसमें 288 स्टेशन हैं। दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन 64 लाख यात्रियों का आवागमन होता है। नवंबर 2024 में मेट्रो में 78.67 लाख यात्राएं दर्ज की गई थीं, जो एक रिकॉर्ड है।
रिठाला-कुंडली-नाथूपुर मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण दिल्ली और हरियाणा के बीच यातायात को सरल और तेज बनाएगा। इसके साथ ही, फेज चार की परियोजना का पूरा होना एनसीआर के मेट्रो नेटवर्क को और विस्तारित करेगा, जो क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
