दिल्ली एयरपोर्ट बना देश का पहला और दुनिया का दूसरा एयरपोर्ट, यात्रियों के लिए शुरू हुई बड़ी सुविधा

दिल्ली एयरपोर्ट बना देश का पहला और दुनिया का दूसरा एयरपोर्ट, यात्रियों के लिए शुरू हुई बड़ी सुविधा
अत्याधुनिक सेल्फ सर्विस बैग ड्रॉप की शुरुआत
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) ने यात्रियों के लिए चेकइन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अत्याधुनिक सेल्फ सर्विस बैग ड्रॉप (SSBD) सुविधा शुरू की है। इस नई तकनीक के तहत एयरपोर्ट पर 50 सेल्फ बैगेज ड्रॉप यूनिट्स लगाए गए हैं। यह देश में अपनी तरह की पहली सुविधा है और इसे चेकइन में डिजियात्रा जैसी सुविधा का नाम दिया जा सकता है।

कतार में खड़े होने की मजबूरी खत्म
इस नई सुविधा के चलते यात्रियों को अब चेकइन काउंटर पर लगेज जमा कराने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी। यात्रियों के लिए यह एक बड़ी राहत है क्योंकि यह सुविधा पूरी प्रक्रिया को सुगम और तेज बनाएगी।

विश्व स्तर पर दूसरे नंबर पर
दिल्ली एयरपोर्ट यह तकनीक लागू करने वाला देश का पहला और दुनिया का दूसरा एयरपोर्ट बन गया है। इससे पहले यह सुविधा कनाडा के टोरंटो हवाई अड्डे पर उपलब्ध थी। दिल्ली एयरपोर्ट ने बताया कि क्विक ड्रॉप सॉल्यूशन अब एयर इंडिया, इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस सहित तीन एयरलाइनों के यात्रियों के लिए उपलब्ध है।

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यात्रियों को मिलेगी बड़ी सहूलियत
एयरपोर्ट पर इस सुविधा के शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। सामान जमा करने की प्रक्रिया अब और अधिक व्यवस्थित और सरल होगी, जिससे यात्रियों का समय भी बचेगा।

दो टर्मिनल पर सुविधा उपलब्ध
एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 और टर्मिनल-3 में लगभग 50 सेल्फ सर्विस बैग ड्रॉप यूनिट्स चालू हैं। यहां यात्री बहुत ही सहज और त्वरित चेक-इन का अनुभव कर सकते हैं।

पहले लगता था काफी समय
पहले, यात्रियों को चेक-इन डेस्क से होकर गुजरना पड़ता था, जहां वे कॉमन यूज सेल्फ सर्विस कियोस्क पर अपने बोर्डिंग पास और बैगेज टैग प्रिंट करते थे। बैग ड्रॉप यूनिट पर पहुंचने के बाद, बायोमेट्रिक कैमरों के जरिए उनके बोर्डिंग पास या चेहरे को स्कैन किया जाता था। इस प्रक्रिया में एक मिनट तक का समय लगता था।

अब सिर्फ 30 सेकेंड में होगा काम
अब, ‘क्विक ड्रॉप सॉल्यूशन’ के माध्यम से, दिल्ली एयरपोर्ट ने इस प्रक्रिया को और भी आसान बना दिया है। नई सुविधा एक चरणीय प्रक्रिया है, जिसमें बोर्डिंग पास या बायोमेट्रिक सत्यापन की जरूरत नहीं पड़ती। सामान पर लगे टैग पर विवरण पहले से ही उपलब्ध होता है, जिससे यह पूरी प्रक्रिया अब केवल 30 सेकेंड में पूरी हो जाती है।

इस नई सुविधा से न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि उन्हें अधिक सुविधा और सहजता का अनुभव भी होगा।