राजधानी दिल्ली में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। बीते 15 वर्षों में मांग में करीब 4,000 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है। साल 2023 में 19 जून को राजधानी ने अब तक की सबसे ज्यादा 8656 मेगावाट बिजली की मांग दर्ज की थी।
अब 2030 तक यह मांग 15,000 मेगावाट तक पहुंच सकती है। अगर इसके अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में बिजली संकट गहराने की आशंका है।
बढ़ती मांग की वजहें: ट्रेन, मेट्रो, ई-वाहन और आबादी
- नमो ट्रेन और मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
- इलेक्ट्रिक वाहनों को मिल रहा बढ़ावा
- तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी विकास की योजनाएं
इन सभी कारणों से बिजली की खपत में लगातार इजाफा हो रहा है।
चार नए सब स्टेशन की योजना, दो हजार मेगावाट बढ़ेगी आपूर्ति क्षमता
दिल्ली सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए चार नए 220 केवी सब स्टेशन बनाने का निर्णय लिया है। इससे राजधानी की आपूर्ति क्षमता में करीब 2000 मेगावाट की वृद्धि होगी।
इन सब स्टेशनों का निर्माण दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) करेगा। वर्तमान में DTL के पास 3 सब स्टेशन 400 केवी के और 43 सब स्टेशन 220 केवी के हैं, जिनसे लगभग 12,000 मेगावाट की आपूर्ति होती है।
यहां बनेंगे नए सब स्टेशन
- महरानी बाग
- दक्षिणी दिल्ली और आईपी एक्सटेंशन को मिलेगा लाभ
- सरोजनी नगर
- नौरोजी नगर, एम्स परिसर और नई सरकारी व कमर्शियल परियोजनाएं होंगी लाभान्वित
- महरौली
- आसपास के क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था होगी सुदृढ़
- बुढेला (पश्चिमी दिल्ली)
- नजफगढ़ और पप्पनकलां की बढ़ती आबादी का दबाव होगा कम
सराय काले खां व मेट्रो फेज-4 को भी मिलेगी बिजली
सराय काले खां में बन रहे नमो ट्रेन जंक्शन और दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के विस्तार के लिए भी अतिरिक्त बिजली की जरूरत है, जिसे इन नए सब स्टेशनों से पूरा किया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया शुरू, जल्द शुरू होगा निर्माण
ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चारों नए सब स्टेशनों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य आरंभ होगा। इसके पूरा होने पर दिल्ली की बिजली आपूर्ति प्रणाली और अधिक मजबूत और भरोसेमंद हो जाएगी।
🔌#DelhiElectricPush | #PowerInfrastructure | #ElectricFuture | #2030Vision | #DTLDevelopment | #DelhiNews
