13 ट्रैफिक सिग्नल बंद, 25 यू-टर्न तैयार – दिल्ली का सबसे बड़ा ट्रैफिक चेंज शुरू!

दिल्ली के भीड़भाड़ वाले रूट पर जल्द ही ट्रैफिक की राहत महसूस होगी। नेताजी सुभाष प्लेस (NSP) से लेकर रोहिणी हेलीपोर्ट तक 12 किलोमीटर लंबे व्यस्त सड़क मार्ग को पूरी तरह सिग्नल-फ्री बनाने की पायलट परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। इस योजना के तहत 13 ट्रैफिक सिग्नल बंद किए जाएंगे और उनकी जगह पर लगभग 25 यू-टर्न (कट-इन-मीडियन) तैयार किए जा रहे हैं। इनमें से 10 यू-टर्न भारी वाहनों के अनुकूल होंगे।

🚧 सफल ट्रायल के बाद नई राह

यह पहल किंग्स-वे कैंप से हकीकत नगर कॉरिडोर की सफलता के बाद लाई गई है, जहां यू-टर्न मॉडल से ट्रैफिक जाम में काफी कमी आई। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) मोनिका भारद्वाज ने बताया कि “बैक-टू-बैक यू-टर्न से वाहन चलते रहते हैं, जिससे सिग्नल की आवश्यकता नहीं रहती। यदि यह मॉडल यहां सफल होता है, तो इसे अन्य जाम प्रभावित इलाकों में भी लागू किया जाएगा।”

🛣 राजधानी की सबसे व्यस्त सड़क होगी ट्रैफिक फ्री

यह मार्ग भगवान महावीर मार्ग, मधुबन चौक होते हुए रोहिणी हेलीपोर्ट तक जाता है और इसे बाहरी दिल्ली की लाइफलाइन माना जाता है। इस रूट पर:

  • 2 बड़े अस्पताल: अंबेडकर और राजीव गांधी कैंसर संस्थान
  • 6 मेट्रो स्टेशन, डीटीसी डिपो
  • कई स्कूल, कॉलेज और दमकल केंद्र
  • बवाना-नरेला व यूईआर से कनेक्टिविटी

यह कॉरिडोर यात्रियों, छात्रों और आपातकालीन सेवाओं के लिए बेहद अहम है।

🏗 दो छोर से शुरू हुआ काम, चरणबद्ध तरीके से बंद होंगे सिग्नल

योजना के तहत NSP ट्रैफिक सिग्नल और पंसाली चौक से काम शुरू कर दिया गया है। मधुबन चौक सिग्नल सबसे अंत में बंद किया जाएगा। वर्तमान में 12 सिग्नल चालू हैं जिन्हें क्रमशः हटाया जाएगा। अब तक कुछ सिग्नल (रिठाला, राजीव गांधी कैंसर अस्पताल व रोहिणी वेस्ट मेट्रो के पास) पहले ही बंद किए जा चुके हैं।

🛑 ये सिग्नल होंगे बंद:

  1. NSP
  2. कोहाट
  3. आशियाना चौक
  4. मधुबन चौक
  5. अग्निशमन प्रशिक्षण केंद्र
  6. साई बाबा चौक
  7. हिमालयन स्कूल
  8. गीतारत्न स्कूल
  9. बैंक मोड़
  10. सेक्टर 24
  11. सेक्टर 25
  12. अशोक चौक
  13. पंसाली चौक

❌ बंद होंगे ये प्रमुख चौराहे

  • मधुबन चौक
  • साई बाबा चौक
  • पंसाली चौक
  • अशोक चौक

ये सभी कार्य चरणबद्ध ढंग से होंगे ताकि यातायात में कोई बड़ी बाधा न आए।

🗣 निष्कर्ष

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की यह योजना न केवल सफर को आसान बनाएगी, बल्कि समय, ईंधन और तनाव की बचत भी करेगी। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो दिल्ली की कई और जामग्रस्त सड़कों पर राहत की उम्मीद की जा सकती है।