दिल्ली में 3 मार्च के बाद कबाड़ हो जायँगे ये वाहन। गलती से भी इन जिलों में न कराए रेजिस्ट्रेशन वरना होजाएंगे ज़ब्त।

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एनसीआर में रजिस्टर्ड वाहन चालकों को आगामी 10 दिन बाद 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन चलाना भारी पड़ सकता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए वाहन चालक अपने 10 से 15 साल पुराने वाहनों को दो सप्ताह के अंदर बेचकर राहत की सांस ले सकते हैं। इस समय के बाद आपका वाहन कबाड़ समझा जाएगा। पुलिस आपके वाहन को किसी भी समय जब्त करके जुर्माना लगा सकती है।

एनसीआर में रजिस्टर्ड वाहन चालकों को आगामी 10 दिन बाद 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन चलाना भारी पड़ सकता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए वाहन चालक अपने 10 से 15 साल पुराने वाहनों को दो सप्ताह के अंदर बेचकर राहत की सांस ले सकते हैं। इस समय के बाद आपका वाहन कबाड़ समझा जाएगा। पुलिस आपके वाहन को किसी भी समय जब्त करके जुर्माना लगा सकती है।

सरकार ने 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल या इससे भी अधिक समय के वाहनों को दूसरी जगह रजिस्टर्ड कराने के लिए 3 मार्च 2022 तक का समय दिया है। इसके लिए राज्य परिवहन विभाग की ओर से सूचना भी जारी हो चुकी है। आम लोगों को सतर्क करने के लिए सूचना को जिला सचिवालय के सरल केन्द्र स्थित रजिस्ट्रेशन विंडो के बाहर चस्पा भी दिया है। रेवाड़ी जिला भी एनसीआर में शामिल होने के कारण पुराने वाहनों को अभी तक एसीआर से बाहर दूसरी जगहों पर पंजीकृत नहीं कराने वाले वाहन मालिकों की चिंता बढ़ गई है।

वाहन को स्क्रेप से बचाने के लिए तीन माह का दिया था समय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ( एनजीटी ) के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशो के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में शामिल जिलों में 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। बढ़ते प्रदूषण को लेकर जारी आदेश में इस अवधि का पूरा कर चुके वाहनों को डी-रजिस्टर्ड कर दिया गया है। अब जिन वाहनों की समय सीमा नदजीक आ है उनके लिए एनसीआर से बाहर बेचने या रजिस्ट्रेशन कराने के आदेश जारी किए गए हैं। ऐसे में यदि वाहनों को बाहर पंजीकरण नहीं कराया तो वे 10 व 15 साल का समय होते ही डी-रजिस्ट्रेशन की श्रेणी में आ जाएंगे। इसके बाद पुलिस द्वारा इन वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। सकार ने ऐसे वाहनों के बाहर रजिस्ट्रेशन के लिए 3 माह का समय दिया था,जिसकी अवधि 3 मार्च को समाप्त हो रही है

पुराने वाहन बाहर पंजीकृत होने पर भी एनसीआर में चलाने की अनुमति नहीं एनसीआर में शामिल जिलों में पुराने वाहनों का इस्तेमाल करना है तो इन्हें बाहर किसी अन्य जिले में पंजीकृत कराना होगा। इसके बाद भी इन वाहनों को एनसीआर में चलाने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस चेकिंग में पकड़े जाने पर ये वाहन जब्त कर लिए जाएंगे।

इन जिलों से बाहर बिक्री करें पुराने वाहन एनसीआर में रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, पानीपत,फरीदाबाद, नूंह, पलवल, जींद, करनाल, चरखी दादरी, व भिवानी जिले शामिल है। हरियाणा में ही वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए इस जिलों को छोड़कर बाकि किसी भी जिले में वाहन का रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। हांलाकि सरकार द्वारा एनसीआर का दायरा घटाने को लेकर विचार किया जा रहा है। इन जिलों में से कुछ जिले एनसीआर से बाहर भी हो सकते हैं, लेकिन रेवाड़ी की संभावना नहीं ह