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दिल्ली में वाहन चालकों के लिये नया नियम लागू। पालन न करने पर कटेगा चालान। हर जगह तैनात है पुलिस

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर हालात गंभीर बने हुए हैं। इस बीच दिल्ली में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली परिवहन विभाग (Delhi Transport Department) ने प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। दिल्ली में वायु प्रदूषण को रोकने की मुहिम के तहत पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) की जांच की जा रही है। पेट्रोल पंपों पर पीयूसी के बिना पेट्रोल भरवाते समय अब 10,000 रुपये का चालान कट रहा है। इसके लिए परिवहन विभाग ने पेट्रोल पंपों पर सिविल डिफेंस वालंटियर की टीमें तैनात की हैं।

दिल्ली परिवहन विभाग की टीमें पेट्रोल पंप पर गाड़ी का नंबर नोट करके डेटा बेस से चेक करने के बाद गाड़ी का चालान भेजती थीं, लेकिन अब पेट्रोल पंप पर ही आनलाइन चेक किया जा रहा है कि गाड़ी का पीयूसी है या नहीं? अगर नहीं है तो साथ के साथ चालान थमाया जा रहा है। राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को देखते हुए अधिकारियों ने इस अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं। यह कवायद इसी का नतीजा है। अब तक हज़ारों के संख्या में ऐसे चालान किया गया हैं.

इसके तहत दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ अन्य सभी वाहनों की भी जांच की जा रही है। ऐसे में जिन वाहन चालकों के पास वैध पीयूसी प्रमाण पत्र नहीं है उनके खिलाफ कार्रवाई के तहत 10,000 रुपये का चालान किया जा रहा है।  कार्रवाई के लिए पेट्रोल पंपों पर भी दिल्ली परिवहन विभाग की टीमें तैनात हैं।

पीयूसीसी नही होने पर कटेगा 10,000 रुपये का चालान

वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) नही होने पर वाहनों का 10 हजार रुपये चालान काटा जा रहा है। परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें सात अक्टूबर से लगातार वाहनों की जांच कर रही हैं।

दिल्ली परिवहन विभाग के अनुसार, दिल्ली में फिलहाल 18 लाख वाहनों के पास पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं हैं। विभाग ने 13 लाख वाहन मालिकों को पीयूसी प्रमाणपत्र बनवाने के लिए नोटिस भी भेजे हैं। लोग प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवा तो रहे हैं, लेकिन गति बेहद धीमी है।

10 साल पुराने डीजल वाहनों को भी हो रहा चालान

दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल वाहनों और 15 साल पुराने पेट्रोल से चलने वाले वाहनों पर बैन लगाया जा चुका है। ऐसे में पुरानी कारों समेत अन्य वाहनों को दिल्ली की सड़कों पर चलाने पर चालान किया जा रहा है। दरअसल,  दिल्ली-एनसीआर को छोड़कर उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत देश के सभी राज्यों के लोगों को राहत मिली है, लेकिन एननसीआर के वाहन मालिकों पर नए नियम का कोई असर नहीं पड़ा है। यहां पर 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर रोक है और नियमों का उल्लंघन करने पर इनका चालान किया जा रहा है।

यहां पर बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन और 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर 10,000 रुपये चालान किया जा रहा है। दिल्ली परिवहन विभाग के आदेश के बाद पुराने वाहनों को सड़क पर निकालने पर 10,000 रुपये का चालान होगा। यह नया नियम पिछले कुछ महीनों से दिल्ली की सड़कों पर लागू है।

गौरतलब है कि 15 और 20 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप (कबाड़) किया जा रहा है। केंद्र सरकार स्क्रैप पालिसी लेकर आई है। इसके तहत व्यावसायिक वाहनों को जहां 15 साल बाद कबाड़ घोषित किया जा रहा है, वहीं निजी वाहनों के लिए यह समय 20 वर्ष है।