दिल्ली से हरियाणा, राजस्थान तक के लिए नया मेट्रो लाइन, 107 KM में 16 स्टेशन, हर 5 मिनट में दौड़ेगी RRTS

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दिल्ली के लोगों के लिए दिल्ली मेरठ कोरिडोर कुछ ही महीने में तैयार होकर ट्रायल रनिंग शुरू कर लेगा इसके साथ ही दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लोगों के लिए एक और रैपिड रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी देकर यहां पर रहने वाले लोगों को तोहफा दिया है.

दिल्ली एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराणा-बहरोड) कारिडोर अब दिल्ली और हरियाणा के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए 107 किलोमीटर का लंबा कॉरिडोर होगा जिसका निर्माण केंद्र मैं सरकार की मंजूरी के बाद इसकी पूर्व गतिविधियां शुरू कर दी गई हैं.

यह पूरा प्रोजेक्ट रीजनल रेल ट्रांजिट सिस्टम अर्थात आरआरटीएस पर ही आधारित होगा जिसमें तेज गति से अधिक दूरी तय करने की क्षमता होगी जिससे ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर कम समय में ढोया जा सकेगा.

आपको बताते चलें कि इस पूरे कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में दिल्ली हरियाणा और राजस्थान सरकार अपनी स्वीकृति दे चुकी है. इसके जरिए यह रैपिड रेल ट्रांसिट सिस्टम दिल्ली से लेकर हरियाणा और राजस्थान तक के एनसीआर में आने वाले इलाकों के लिए वरदान साबित होने जा रहा है.

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शुरू हो चुका है काम.

अब समय का सदुपयोग करते हुए एनसीआर परिवहन निगम ने कॉरिडोर के मार्ग में आने वाले बाधाओं को पहले से ही सुविधाजनक बनाना शुरू कर दिया है जिसमें की कई जगहों पर सड़कें बनाई गई हैं तो कई जगहों पर जहां पर काम होना है वहां पर सड़कों को पहले से ज्यादा चौड़ी कर दी गई है ताकि लोगों को कार्य होने के उपरांत भी आवाजाही में दिक्कत ना हो. अब कारिडोर के लिए मुख्य परियोजना प्रबंधक का कार्यालय गुरुग्राम और दिल्ली में स्थापित कर लिया गया है और इंजीनियरों की नियुक्ति भी कर ली गई है।

एक नजर में दिल्ली-एसएनबी कारिडोर

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107 किमी लंबे दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी कारिडोर में 35 किमी का हिस्सा भमिगत होगा और इसमें पांच स्टेशन होंगे। शेष 71 किमी का भाग एलिवेटेड होगा और इसमें 11 स्टेशन बनेंगे। यह कारिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होगा और अन्य दो आरआरटीएस कारिडोर के साथ इंटरओपरेबल होगा जिसमे यात्रियों को एक कारिडोर से दूसरे कारिडोर मे जाने के लिए रेल बदलने की जरूरत नहीं होगी।

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हरियाणा में 83 किमी, दिल्ली में 22 किमी, राजस्थान में 2 किमी होगा

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एलिवेटेड : 70.5 किमी (हरियाणा-68.5 किमी और राजस्थान-2 किमी)

भूमिगत : 36.5 किमी (दिल्ली में 22.5 किमी, हरियाणा में 14 किमी)

आरआरटीएस ट्रेन की आरपरेशन स्पीड 160 किमी प्रति घंटा तथा औसत गति 100 किमी प्रति घंटा होगी और यह प्रत्येक 5-10 मिनट की आवृति पर उपलब्ध होगी।

अब समय का सदुपयोग करते हुए एनसीआर परिवहन निगम ने कॉरिडोर के मार्ग में आने वाले बाधाओं को पहले से ही सुविधाजनक बनाना शुरू कर दिया है जिसमें की कई जगहों पर सड़कें बनाई गई हैं तो कई जगहों पर जहां पर काम होना है वहां पर सड़कों को पहले से ज्यादा चौड़ी कर दी गई है ताकि लोगों को कार्य होने के उपरांत भी आवाजाही में दिक्कत ना हो. अब कारिडोर के लिए मुख्य परियोजना प्रबंधक का कार्यालय गुरुग्राम और दिल्ली में स्थापित कर लिया गया है और इंजीनियरों की नियुक्ति भी कर ली गई है।

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