दिल्ली मेट्रो में सफर करने के लिये न कोई टोकन न कोई कार्ड लेने की जरूरत। DMRC का नया प्लान देखिये।

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दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) में सफर करते वक्त समय की बचत और कैशलेस यात्रा की सुविधा मुहैया कराने की दिशा में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) काम कर रही है। इसके लिए मेट्रो के सभी रूट पर 2023 तक स्वचालित किराया संग्रह (एएफसी) प्रणाली को प्रभावी तरीके से लागू करने की तैयारी है। इससे टोकन खरीदने का झंझट खत्म हो जाएगा। अभी मेट्रो के कुछ चुनिंदा मार्गों पर ही एएफसी प्रणाली उपलब्ध है।

डीएमआरसी के अनुसार, एएफसी सेवा लागू होने से मेट्रो में सफर करना आसान हो जाएगा। एएफसी में यात्री मेट्रो में सफर के लिए क्यूआर टिकट, खाता आधारित टिकट और नियर फील्ड कम्युनिकेशंस (एनएफसी) कार्ड के माध्यम से भुगतान कर यात्रा कर सकेंगे। दिल्ली मेट्रो के अनुसार, एएफसी को अब तीन प्रमुख मेट्रो रूट पर लागू किया जा रहा है। इसमें जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम, मजलिस पार्क से मौजपुर और तुगलकाबाद से एरोसिटी शामिल हैं। यह काम चौथे चरण के तहत किया जा रहा है। मेट्रो के अनुसार, चौथे चरण के कुछ हिस्से में पहले से यह प्रणाली लागू थी, लेकिन अब उसे और व्यवस्थित किया जा रहा है।

मेट्रो के पहले, दूसरे और तीसरे चरण में पहले से एएफसी लागू है, जिसे अपग्रेड करने के लिए मेट्रो की तरफ से मैसर्स रेवेन्यू कलेक्शन सिस्टम्स (थेल्स), फ्रांस एसएएस और मेसर्स पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के साथ करार किया जा चुका है। वर्तमान में नई दिल्ली से द्वारका सेक्टर-21 (छह स्टेशनों तक) तक और दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (23 किलोमीटर) के स्टेशनों पर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) और क्यूआर कोड टिकटिंग सुविधा उपलब्ध है।

दिल्ली मेट्रो के एमडी डॉ. मंगू सिंह का कहना है कि क्यूआर टिकट, खाता आधारित टिकटिंग, एनएफसी के साथ नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड के क्रियान्वयन से कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। एएफसी के बाद कार्ड को लेकर चलने या खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके उपयोग से यात्रा के दौरान समय की बचत होगी। टोकन खरीदने का झंझट पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।

रोज 18 लाख यात्री करते हैं सफर : मेट्रो में रोज करीब 18 लाख लोग सफर करते हैं, जिनमें से 20 फीसदी टोकन का प्रयोग करते हैं। बाकी कार्ड से भुगतान करते हैं। अब डीएमआरसी की कोशिश है कि एएफसी को बढ़ाया जाए, जिससे यात्रियों को किराए का भुगतान करने के लिए ऑनलाइन विकल्प मुहैया कराए जा रहे हैं।

ऐसे काम करती है एएफसी

स्वचालित किराया संग्रह (एएफसी) प्रणाली तीन तरह से काम करती है।

1. पहला इसमें क्यूआर कोड स्कैन करके प्रवेश और निकासी कर सकते हैं, जिससे दूरी के हिसाब से यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन किराया कट जाता है।
2. खाता आधारित टिकट में बैक खाते से सीधे किराया कटता है।
3. एएफसी कार्ड के जरिए भी ऑनलाइन किराए का भुगतान करने की सुविधा मिलती है।

ये फायदे भी

एएफसी को बढ़ावा मिलने से मेट्रो को काफी चीजें बचाने में मदद मिलेगी। मेट्रो को टोकन, टिकट वेंडिंग मशीन पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। इससे मेट्रो पर आर्थिक बोझ कम होगा। मेट्रो फेज-4 के सभी स्टेशन पर पहले से ही ओपन एएफसी गेट लगाए गए थे। बाकी रूट पर भी एएफसी गेट अपग्रेड करने का काम चल रहा है।