दिल्ली-रेवाड़ी के रास्ते राजस्थान आएगी बुलेट ट्रेन, बनेंगे 9 स्टेशन, जानिए सबकुछ

राजस्थान में अब बहुत जल्द बुलेट ट्रेन दौड़ने वाली है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Delhi-Ahmedabad Bullet Train) परियोजना का कुल ट्रैक 875 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है. इस ट्रैक का करीब 75 फीसदी हिस्सा यानी 657 किलोमीटर लंबा ट्रैक राजस्थान राज्य में बनेगा. बुलेट ट्रेन राजस्थान (Rajasthan Bullet Train News) के 7 अहम जिलों जयपुर (Jaipur), अलवर, उदयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और भीलवाड़ा से निकलेगी. दिल्ली के द्वारका के सेक्टर 27 से इस बुलेट ट्रेन का ट्रैक शुरू होगा. इसके हरियाणा में दो स्टेशन प्रस्तावित हैं. ये स्टेशन मानेसर और रेवाड़ी में बनने हैं. उसके बाद अलवर के रास्ते यह बुलेट ट्रेन राजस्थान में एंट्री लेगी. राजस्थान में कुल 9 स्टेशन बनेंगे.

राजस्थान को बहुत जल्द बुलेट ट्रेन की सौगात मिलने वाली है. दिल्ली से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड एलिवेटेड बुलेट ट्रेन (Delhi-Ahmedabad Bullet Train) चलेगी. रफ्तार 350 किलोमीटर प्रतिघंटा के करीब होगी. बुलेट ट्रेन से दिल्ली-अहमदाबाद का सिर्फ 4 घंटे में पूरा होगा. दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का कुल ट्रैक 875 किलोमीटर लंबा होगा. इस ट्रैक का 75 फीसदी हिस्सा यानी 657 किलोमीटर लंबा ट्रैक राजस्थान में बनेगा. बुलेट ट्रेन राजस्थान के 7 जिलों जयपुर, अलवर, उदयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और भीलवाड़ा से गुजरेगी.

राजस्थान में बहरोड़, शाहजहांपुर, जयपुर, अजमेर, विजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और डूंगरपुर में स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से दिल्ली से अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के सर्वे का काम पूरा हो चुका है. राजस्थान में यह कॉरिडोर अलवर के शाहजहांपुर बॉर्डर से प्रवेश करेगा. फिर राष्ट्रीय राजमार्ग 48 के समानांतर जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर में अहमदाबाद तक जाएगा.

पहले दिल्ली से अहमदाबाद जाने के लिए तकरीबन 14 घंटे लगते थे. बुलेट ट्रेन से यह सफर सिर्फ 4 घंटे में पूरा हो जाएगा. दिल्ली के सेक्टर 21 से ट्रैक शुरू होकर गुरुग्राम के चौमा में प्रवेश करेगा. फिर द्वारका एक्सप्रेस के साथ-साथा रामप्रस्थ सिटी (सेक्टर 37डी) तक जाएगा. दिल्ली-जयपुर रेल लाइन और केएमपी एक्सप्रेसवे को क्रॉस करके हरियाणा के शांहजहांपुर टोल प्लाजा तक जाएगा. इसके बाद दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेस के समानांतर ट्रैक गुजरेगा. अधिकारियों का कहना है कि जमीन का अधिग्रहण करने में 3-4 साल का समय लग सकता है.

बुलेट ट्रेन का ट्रैक पांच नदियों के ऊपर से भी गुजरेगा. इस परियोजना में प्रदेश के 7 जिलों के कुल 337 गांव प्रभावित होंगे. दिल्ली-हरियाणा सरकार ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. स्वाइल टेस्टिंग और सड़कों के चौड़ीचरण का काम शुरू हो चुका है. हालांकि आवास एवं शहरी मंत्रालय की ओर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है.

राजस्थान के उदयपुर जिले में कुल 127 किमी का ट्रैक बनेगा. उदयपुर में टनल बनाए जाने का भी प्रस्ताव है. अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी कारणों से पूरे ट्रैक को अलग तरह से बनाया जाएगा. एलीवेटेड ट्रैक बनाए जाएंगे, जबकि उदयपुर में एक किलोमीटर से कम दूरी की आठ सुरंगें भी बनाई जाएंगी, जो जमीन पर होंगी.

दिल्ली के द्वारका से बुलेट ट्रेन का ट्रैक शुरू होगा. हरियाणा में दो स्टेशन प्रस्तावित हैं. ये स्टेशन गुरुग्राम और रेवाड़ी में बनेंगे. दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का रूट इस तरह से चुना गया है, ताकि भूमि का अधिग्रहण आसानी हो सके. इसके लिए नेशनल हाईवे 48 के समानांतर बुलेट ट्रेन का ट्रैक गुजरेगा. गुजरात में तीन स्टेशन बनेंगे. कुल 15 स्टेशनों में द्वारका (दिल्ली), मानेसर (गुरुग्राम), रेवाड़ी (हरियाणा), बहरोड़, शाहपुरा, जयपुर, अजमेर, विजय नगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर (राजस्थान), हिम्मत नगर, गांधीनगर और अहमदाबाद (गुजरात) शामिल हैं.