Delhi Weekend curfew- को लेकर राजधानी के लोगो ने बोल दी ये बड़ी बातें । जाने

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कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से आई तीसरी लहर के बाद राजधानी में कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। अब कोविड के मामलों में थोड़ी कमी आने पर इन पाबंदियों को कम करने की बात कई संगठन कर रहे हैं। लेकिन, एक सर्वे में साफ हुआ है कि अब भी 63 प्रतिशत लोग कोविड पाबंदियों में किसी तरह की ढील देने के पक्ष में हैं। इनका तर्क है कि जब तक पॉजिटिविटी रेट पांच प्रतिशत तक नहीं आता, पाबंदियों में ढिलाई नहीं देनी चाहिए।

लोकल सर्कल्स’ के इस सर्वे में राजधानी में चल रही मौजूदा पाबंदियां जिनमें नाइट कर्फ्यू, वीकेंड कर्फ्यू और बाजारों में दुकानों के लिए ऑड-ईवन नियम आदि शामिल हैं, के साथ 63 प्रतिशत लोग सहमत हैं। उनका कहना है कि इन पाबंदियों को तब तक नहीं हटाना चाहिए, जब तक पॉजिटिविटी रेट पांच प्रतिशत या इससे कम नहीं हो जाता।

गुरुवार को राजधानी में 57920 टेस्ट हुए। इनमें से 12306 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव रही। जबकि 43 मौतें भी हुईं। पॉजिटिविटी रेट गुरुवार को 21.5 प्रतिशत रहा, जबकि 14 जनवरी को यह 30.64 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इस बीच, सोमवार को सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी राजधानी से वीकेंड कर्फ्यू, मार्केट और मॉल से ऑड-ईवन खत्म करने का प्रपोजल दिया, हालांकि एलजी अनिल बैजल ने यह प्रस्ताव

लोकल सर्कल्स के इस सर्वे में 7598 जवाब मिले। सर्वे में 66 प्रतिशत पुरुष और 34 प्रतिशत महिलाएं शामिल हुईं। सर्वे में लोगों से पूछा गया कि कोविड की पाबंदियों को हटाने के लिए क्या क्राइटेरिया होना चाहिए? इसके जवाब में 11 प्रतिशत लोगों ने कहा कि जब पॉजिटिविटी रेट 20 प्रतिशत से कम हो जाए। वहीं, 26 प्रतिशत ने कहा कि पॉजिटिविटी रेट 10 प्रतिशत से कम होने पर इन पाबंदियों को हटाया जाना चाहिए