सिर्फ 2 घंटे में पूरा होगा Delhi-Jaipur-Dausa का सफर, ये होगा पूरा रूट

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दिल्ली से जयपुर का सफर तीन घंटे के भीतर का सपना जल्द साकार होने वाला है. दिल्ली के धौला कुआं से जयपुर तक बिना रुके तीन घंटे में ही पहुंच जाएंगे. दरअसल, दिल्ली-मुंबई के फर्स्ट फेज (जयपुर-दौसा) का काम जून 2022 तक पूरा होने की संभावना है. हरियाणा का कुछ हिस्सा छोड़कर

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दिल्ली से दौसा तक का काम लगभग पूरा हो चुका है. हालांकि इसकी डेडलाइन मार्च 2022 है, लेकिन कोरोना के कारण निर्माण में देरी हो रही है. इसके शुरू होने के बाद आप दिल्ली-गुड़गांव और सोहना-मुंबई एक्सप्रेस-वे से लगभग तीन घंटे में धौला कुआं से जयपुर तक बिना रुके यात्रा कर सकेंगे. यह रोड गुड़गांव के राजीव चौक और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के सोहना-दौसा खंड से सिग्नल मुक्त यात्रा के लिए है. इस एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ेंगे.

निर्माणाधीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दौसा से होकर गुजरता है, जो जयपुर से 60 किमी दूर है. एनएच-21 दौसा को जयपुर से जोड़ता है. धौला कुआं से जयपुर तक सोहना और दौसा के जरिए कुल 270 किमी का सफर करना होगा. अगर कोई एनएच-8 ये यात्रा करता है तो उसे भी लगभग इतनी ही दूरी कय करनी होगी

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लेकिन एक्सप्रेसवे सिर्फ ज्यादा स्पीड वाले वाहनों के लिए है और कोई भी 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा कर सकता है, इसलिए जयपुर तक की यात्रा का समय घटकर तीन घंटे के भीतर हो जाएगा. यात्री एक्सप्रेसवे का उपयोग करके एक घंटे से अधिक समय बचा पाएंगे.

एनएचएआई ने सोहना एलिवेटेड रोड के लिए 31 मार्च की डेडलाइन दी है, लेकिन इसके जून 2022 तक पूरा होने की संभावना है. यह रोड गुड़गांव के राजीव चौक और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के सोहना-दौसा खंड से सिग्नल मुक्त यात्रा के लिए होगा. जयपुर में आगरा रोड स्थित रिंग रोड के सामने, नेशनल हाइवे 11ए पर खुरीखुर्द के पास और द्वारापुरा के पास इंटरसेक्शन होंगी. इन तीनों जगहों पर टोल प्लाजा भी रहेगा. पूरा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के मार्च 2023 तक पूरा होने की संभावना है और इसे ‘भारतमाला परियोजना’ के पहले चरण में बनाया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि 2023 में बहुप्रतीक्षित दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद केंद्र को हर महीने 1,000 से 1,500 करोड़ रुपये का टोल राजस्व मिलेगा. इसके अलावा इस एक्सप्रेस-वे से सालाना 32 लाख लीटर से अधिक ऑयल सेविंग होगी और कॉर्बन डाई ऑक्साइड उत्सजर्न में 85 करोड़ किलोग्राम की कमी आएगी.

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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे को जयपुर से जोड़ने के लिए 6 लेन लिंक रोड बनाया जाएगा. यह लिंक रोड दौसा व जयपुर जिले के 85 गांवों से होकर गुजरेगी. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे राजस्थान के सात जिलों की 18 तहसीलों के 265 गांवों की सीमा से होकर गुजरेगा.

40 मिंट ने दिल्ली से मेरठ

अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाईमाधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा जिले से होकर गुजरेगा. इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से जयपुर 2 घंटे, दिल्ली से चंडीगढ़ 2 घंटे, दिल्ली से मेरठ 40 मिनट, दिल्ली से देहरादून 2 घंटे और दिल्ली से हरिद्वार 2 घंटे में पहुंचा जा सकेगा. यहां बांसुरी, हारमोनियम,तबला, म्यूजिक के आधार पर गाड़ियों के हार्न होंगे.

एक्सप्रेस-वे से सालाना 32 लाख लीटर से अधिक ऑयल सेविंग होगी और कॉर्बन डाई ऑक्साइड उत्सजर्न में 85 करोड़ किलोग्राम की कमी आएगी. चीन का बीजिंग से उरमची के बीच 2800 किमी लंबे एक्सप्रेस वे के बाद यह विश्व का दूसरा सबसे लंबा 1250 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे है. मौजूदा समय में यह एक्सप्रेस-वे आठ लेन का है, जिसे ट्रैफिक लोड के अनुसार 12 लेन तक किया जा सकता है. इस एक्सप्रेस-वे के किनारे रिजॉर्ट्स, फूड कोर्ट्स, रेस्तरां, फ्यूल स्टेशंस, लॉजिस्टिक पार्क और ट्रक वालों के लिए फैसिलिटीज जैसी सुविधाएं होगी.