अब फ्री में नहीं चलेगी आपकी गाड़ी, अगले हफ्ते से लिया जाएगा टोल टैक्स

देश के पहले टोल प्लाजा मुक्त एक्सप्रेस-वे यानी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर निःशुल्क आवागमन की सुविधा समाप्त होने वाली है। टोल वसूली की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। टोल दर और उससे संबंधित अधिसूचना को राजमार्ग मंत्रालय ने मंजूरी दे दी गई है। एक सप्ताह में इसकी अधिसूचना प्रकाशित होने के बाद टोल दरें तय की जाएंगी। इसमें छूट व अन्य नियमों की भी जानकारी दी जाएगी। अधिसूचना प्रकाशित होने के अगले दिन से टोल वसूली शुरू हो जाएगी।

एनएचआई के प्रॉजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में यह पूरा सप्ताह निकल जाएगा। अगले सप्ताह में किसी भी दिन से टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी जाएगी। टोल वसूली का ठेका पाथ लिमिटेड कंपनी को मिला है। ट्रायल की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

2 रुपये 34 पैसे प्रति किमी से टोल

वहीं दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 2 रुपये 34 पैसे प्रति किमी के हिसाब से टोल तय किया गया है। यदि कोई सराय काले खां से लेकर मेरठ तक कार से सफर करता है तो उसे एक तरफ के लिए 140 रुपये का टोल देना होगा। अगर आप डीएमई पर इंदिरापुरम से चढ़ते हैं तो मेरठ तक के लिए 95 रुपये का टोल देना होगा। इसके अलावा मेरठ के लिए डूडाहेड़ा से 75 रुपये और डासना से केवल 60 रुपये का टोल कटाना होगा।

फास्टैग है जरूरी !

बता दें कि अभी तक इस एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्‌घाटन नहीं हुआ है। जबकि 1 अप्रैल 2021 से इसे पब्लिक के लिए खोल दिया गया था। इस एक्सप्रेसवे पर बने टोल का पूरी तरह से ट्रायल हो चुका है। यह पूरी तरह से फास्टैग संचालित होगा।

फास्टैग लगवा लें, घर पहुंचेगा चालान

अगर आपके वाहन में अभी फास्टैग नहीं है और इस एक्सप्रेस-वे से जाना है तो अभी समय है। फास्टैग लगवा लें। एक्सप्रेस-वे पर बिना फास्टैग के भी आ-जा सकते हैं, लेकिन ऐसा करने पर अर्थदंड लगेगा। जिन वाहनों का टोल नहीं कटेगा, उनके घर पर चालान पहुंचेगा। इस एक्सप्रेस वे पर टोल वसूली की प्रक्रिया आटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर के आधार पर होगी। वहीं एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि इस एक्सप्रेसवे पर बाइक और ऑटो को चलाए जाने पर पूरी तरह से रोक है। यदि कोई ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उसका चालान कटेगा।