Delhi-NCR और हरियाणा में विकास के खुलेंगे दरवाजे देश का पहला net zero emission एयरपोर्ट,


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशिया के सबसे बड़े जेवर एयरपोर्ट की नींव रख दी है… केंद्र और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का दावा है कि यह एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा… दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के लोगों के लिए यह नायाब तोहफा होगा… आइये आपको बताते है इस एयरपोर्ट की खास बातें…

29 हजार करोड़ की लागत

अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण में इस एयरपोर्ट पर 4588 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह 2023 तक कंप्लीट हो जाएगा। एयरपोर्ट जब पूरी तरह बन जाएगा, तब इसके पास 6 से 8 रनवे होंगे। यह देश में किसी एयरपोर्ट से भी ज्यादा रनवे होगा। नोएडा एयरपोर्ट की लागत 30 हजार करोड़ बताई जा रही है। साल में 7 करोड़ यात्रियों का टार्गेट रखा गया है।

दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे को जुड़ेगा एयरपोर्ट

दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे को जेवर में बनने वाले इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की सैद्धांतिक मंजूरी मिली गई है। इसके साथ ही जेवर एयरपोर्ट को एक और कनेक्टिविटी मिल जाएगी। बल्लभगढ़ से जेवर तक 31 किलोमीटर हाईवे बनाया जाएगा जिसमें 24 किलोमीटर का हिस्सा हरियाणा में और 7 किलोमीटर का हिस्सा उत्तर प्रदेश में होगा। एनएचएआई ने हरियाणा के हिस्से की जमीन खरीदने की सहमति दे दी है जबकि उत्तर प्रदेश अपने हिस्से की जमीन खरीदकर देगा। 

एयरपोर्ट की खासियतें

नोएडा एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत है कि यह उत्तर भारत के लिए लॉजिस्टिक गेटवे होगा। नॉर्थ इंडिया के कारोबारी आसानी से अपने सामान को अंतराराष्ट्रीय बाजार में बेच सकेंगे। इसकी खास बात यह है कि देश का फर्स्ट नेट जीरो एमिशन एयरपोर्ट होगा। इसका मतलब है कि सभी मानव निर्मित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, जैसे कार्बन डाइऑक्साइड को ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के उपायों में वातावरण से हटा दिया जाता है।