पेट्रोल-डीजल के उपभोगताओं के लिए बड़ी राहत, अगले 10 दिनों में 17 रुपये तक कम हो सकते है पेट्रोल-डीजल के दाम

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पेट्रोल-डीजल के दामो में आपको जल्द ही कमी आ सकती है। सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल के दामो में कुछ राहत देने के बाद भी 95-100 रुपये के बीच बनी हुई है। अंतर्राष्टीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में बढोतरी के कारण आज पेट्रोल-डीजल ज्यादा है। लेकिन बहुत जल्द ही इनके दामो में कमी आ सकते है। इसके बीच तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक (OPEC) ने उत्पादन में बढ़ोतरी से इनकार कर दिया है। जिससे कच्चे तेल की कीमत में कमी के कली आसार नही है। लेकिन भारत, अमेरिका और अन्य तेल आयातक देशो ने एक रणनीति तैयार की जिससे पेट्रोल-डीजल के दामो में कमी आ सकती है।

भारत और दूसरे देश अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ाने में जोर दे रहा है। इसके लिए भारत ने रणनीतिक तेल भंडार से 50 लाख बैरल कच्चा तेल निकलने की तैयारी कर रहा है। अगले कुछ दिनों में इसकी कवायत शुरू हो जाएगी। इसके बाद इस तेल भंडार को भारत की मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) कंपनियों को बेचा जाएगा। जिससे पेट्रोल-डीज़ल के दामो में 10-17 रुपए तक कमी आने की संभावना है।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर भारत अन्य देशों के साथ मिलकर इमरजेंसी तेल भंडार से कच्चे तेल को अधिक मात्रा में भी निकाल सकता है। जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामो में दबाब पड़ेगा। भारत के पास दो तेल भंडार है जिसमे से एक पश्चिमी में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम ओर दूसरा पूर्व में कर्नाटक के मंगलूरु एवं पदुर में है। उन दोनों जगहों पर कुल 3.8 करोड़ बैरल की तेल को स्टोर करने की क्षमता है।

अमेरिका ने भारत के साथ चीन और जापान के एकजुट होकर प्रयास करने को कहा है। जिससे तेल उत्पादक देशो के संगठन ओपेक पर दबाब पड़ेगा जिससे तेल की कीमतों में कमी आ सकती है। अमेरिका इसकी पहले करेगा। अमेरिका पहला और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है।

पिछले हफ्ते दुबई में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि तेल की बढ़ती कीमते अर्थव्यवस्था को पटरी में लाने के बीच के बहुत बड़ी बाधा साबित हो रही हैं। इसलिए आईआईएफ सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष अनुज गुप्ता का कहना है कि अगर ये बड़े देश अपने रिजर्व भंडार से कच्चे तेल को बाहर लाते है तो कीमतों में गिरावट आ सकती है। जिससे आम-जन को राहत मिलने सकती है और अर्थव्यवस्था को भी पटरी पर लाने में मदद मिलेगी।

हालांकि जब रिजर्व भंडार से तेल निकालने के बाद कच्चे तेल के दामो में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। लेकिन कुछ वक्त के लिए तेल के दामों में कमी आ सकती है। इससे पहले अमेरिका और चीन अपनी रणनीतिक भंडार से तेल निकालने की धमकी दे सकते चुके है। जिससे कच्चे तेल का दाम 86 डॉलर से गिरकर 78 डॉलर प्रति बेरल तक आ चुकी है। इसकी वजह कच्चे तेल की मांग में कमी भी है क्योंकि यूरोप के कुछ देशों में फिर से लॉकडाउन लागू हुआ है।

इसी बीच देशों ने संकेत दिए है कि अगर कोरोना महामारी ओर रिजर्व भंडार से तेल निकलने से तेल की मांग में कमी आती है तो वह उत्पादन बढ़ाने की ओर जोर दे सकते है। जिससे कच्चे तेल की कीमत में कमी आएगी। भारत देश में पेट्रोल-डीजल के दामो में कुछ राहत मिल सकती है ।