नहीं माने लोग…. रातभर चले पटाखे, AIQ हुआ बेहद खराब

राजधानी दिल्ली में बड़ी धूमधाम से मनाई गई दिवाली। दरअसल दिल वालों की दिल्ली में पटाखों वाली नहीं बल्कि धूमधड़ाके वाली दिवाली देखने को मिली। आतिशबाजी बैन होने के बावजूद भी लोगों ने जमकर आदेशों का उल्लघंन किया। इसी के कारण अब दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब स्तर तक पहुंच गया।

कम तापमान और हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषक तत्वों का बिखराव नहीं हो सका। धड़ल्ले से पटाखे जलाने के चलते रात नौ बजे के बाद दिल्ली के पड़ोसी शहरों फरीदाबाद में एक्यूआई 424, गाजियाबाद में 442, गुरुग्राम में 423 और नोएडा में 431 दर्ज किया गया, जोकि गंभीर श्रेणी में आता है।

सरकार की नाकामी या जनता की मर्जी !

बता दे कि दिल्ली और इसके आसपास के कई क्षेत्रों के लोगों ने गले में खराश और आंखों से पानी आने की शिकायतें की है। राष्ट्रीय राजधानी में एक जनवरी 2022 तक पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद भी दिल्ली की कई सड़को पर पटाखे जलाए जाने के मामले सामने आए। वहीं, पटाखे जलाए जाने के मामले में गुरुग्राम और फरीदाबाद भी पीछे नहीं है, यहां उच्च-तीव्रता के पटाखे जलाये गए। जबकि हरियाणा सरकार ने भी दिल्ली से सटे क्षेत्रों समेत 14 जिलों में पटाखे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया था।

AIQ बेहद खराब

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली के प्रदूषण स्तर में पराली जलाने का योगदान बढ़कर 35 प्रतिशत और शनिवार को 40 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। उत्तर-पश्चिम हवाएं पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के कारण उठने वाले धुएं को दिल्ली की तरफ ला सकती हैं। वहीं सात नवंबर की शाम तक ही कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, एक्यूआई बेहद खराब की श्रेणी में रहने की आशंका है