हर साल दिल्ली NCR में प्रदूषण करने वाले 24000 वाहन होंगे जब्त और Scrap, नॉएडा में लगा पहला प्लांट

maruti scrapping plant in noida amp

देश का पहला एंड-आफ -लाइफ वाहन (ईएलवी) स्क्रैपिंग व रिसाइक्लिंग यूनिट मारुति सुजुकी तोयोत्सु इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एमएसटीआइ) नोएडा के सेक्टर-80 में संचालित हो चुका है। इसको मारुति सुजुकी और टोयोटा त्सुशो ग्रुप ने संयुक्त रूप से लगाया है। 10,993 वर्ग मीटर में लगाए गए प्लांट में 44 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिसमें प्रतिवर्ष 24 हजार वाहनों को स्क्रैग व रिसाइक्लिंग की जाएगी। मंगलवार केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसका उद्घाटन किया।

इस मौके पर भारत में जापान दूतावास के एम्बेसडर एक्सट्राआर्डिनरी एवं प्लेनिपोटेंशियरी सतोषी सुजुकी मौजूद रहे। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस प्लांट में अनफिट और प्रदूषण करने वाले वाहनों को चरणबद्ध रूप से सड़कों से हटाया जाएगा। इस परिवेश विकसित करने के लिए सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने दूरदर्शितापूर्ण नेशनल आटोमोबाइल स्क्रैपिंग पालिसी प्रस्तुत की है।

इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए अत्याधुनिक स्क्रैपिंग और रिसाइक्लिंग यूनिटों की जरूरत है। इससे हवा स्वच्छ होगी और कच्चा माल सस्ता मिल सकेगा। आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य के अनुरूप इस सुविधा में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों को भारत में बनाया गया है।

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड सीईओ, मैनेजिंग डायरेक्टर व चेयरमैन एमएसटीआइ केनिची आयुकावा ने कहा नितिन गडकरी देश में स्वच्छ, हरे-भरे व सुरक्षित मोबिलिटी के परिवेश के अग्रदूत हैं। अब तक कार की उपयोगिता समाप्त हो जाने के बाद उसके निस्तारण के लिए कोई भी वैज्ञानिक और स्वच्छ तरीका मौजूद नहीं था। इस कमी को पूरा करने के लिए एमएसटीआइ वैश्विक प्रक्रिया पद्धति का इस्तेमाल करता है। यह केवल एक शुरुआत है।

अनुपयुक्त वाहनों का नहीं होगा रजिस्ट्रेशन

निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले वाहनों का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में पंजीकरण नहीं होगा। 15 साल से अधिक पुराने वाहनों के मालिकों को पंजीकरण नवीनीकरण के लिए 8 गुना अधिक भुगतान करना होगा। इस पॉलिसी में 15 वर्ष से अधिक पुरानी कारों के लिए नवीनीकरण शुल्क के रूप में 5,000 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसी तरह, 15 साल पुरानी बाइक के पंजीकरण को नवीनीकृत करने के लिए आपको 1,000 रुपये खर्च करने होंगे जो कि मौजूदा समय में केवल 300 रुपये है।

वहीं इम्पोर्टेड बाइक्स और कारों के लिए रजिस्ट्रेशन को रेन्यू करना और भी महंगा पड़ेगा, इसके लिए 10,000 रुपये से लेकर 40,000 रुपये तक खर्च करना होगा। 15 साल से पुराने बस या ट्रक जैसे सार्वजनिक और वाणिज्यिक वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र के नवीनीकरण पर भी वर्तमान की तुलना में 8 गुना अधिक खर्च करना होगा।