दिल्ली में देश की सबसे पहली मेट्रो हुई MODIFIED। ब्लू लाइन पर दौड़ेगी ये मेट्रो। जानिए इसकी खासियत

दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन सबसे मशरूफ लाइन हैं. ऐसे में यात्रियों को भीड़ के साथ तमाम तरह की परेशानियों का आए दिन सामना करना पड़ता है, लेकिन मेट्रो ने अब इस परेशानी का तोड़ निकाल लिया है. पुरानी कोच को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने नई शक्ल दी है. चार्जिंग की सुविधा के साथ मौजूदा मेट्रो कोच की तर्ज पर सभी पुरानी मेट्रो में भी यात्रियों को नई मेट्रो की तरह सुविधा मिलेगी.

यात्रियों की सुरक्षा बढाने के लिए पहली बार इन ट्रेनों में यह सुविधा भी जोड़ी गई है. किसी भी तरह की गर्मी बढ़ने या धुंआ निकले की स्थिति में, यह सिस्टम ट्रेन ऑपररेटर के लिए अलार्म बजाएगा और एचवीएसी को इमरजेंसी वेंटिलेशन मोड पर चलाएगा. मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग की भी सुविधा मुहैया कराई जाएगी.

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डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह ने दिखाई हरी झंडी

सोमवार को यमुना बैंक डिपो पर डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह लोकार्पण किया. आपको बता दें कि फेज-एक की रेड और ब्लू लाइन पर 70 मेट्रो को नई शक्ल दी गई है. नई मेट्रो की तरह तमाम सुविधाओं से युक्त मेट्रो में यात्रियों को भी सफर करने का मौका मिलेगा. माना जा रहा है कि इस पहल से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन करोड़ों की बचत भी कर सकेगी.

15 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी मेट्रो में कई बार तकनीकी खराबी की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. इन सभी परेशानियों को दूर करने के लिए ये कदम उठाया गया है. सभी उपकरणों की मरम्मत के साथ साथ नई शक्ल दी गई है. चार्जिंग पॉइंट, सीसीटीवी कैमरे, उदघोषणा के अलावा पुरानी मेट्रो की कमियों को दूर कर दिया गया है. सफर के दौरान यात्रियों को सहूलियत के लिहाज से सभी जरूरी बदलाव किए गए हैं.

फर्श का नवीनीकरण

फर्श में अलग-अलग जगहों पर दरारें, उभार और ऊंची- नीची सतह जैसी खराबी के दिखाई देने लगे थे, जिसकी वजह से यात्रियों को खड़े होने, और चलने- फिरने में भी दिक्कत आती थी, यात्री की सुरक्षा को ध्यान में रखने के साथ मेट्रो कोच के अंदर बेहतर सौंदर्य दिखने के लिए फर्श को अब मॉडर्न फाइबर कम्पोजिट बोर्डों से बदल दिया गया है.

सैलून और कैब के भीतरी पैनल्स की मरम्मत

ट्रेन के भीतरी हिस्से के साथ-साथ कैब हेड मास्क में कई जगह पर रंग उतर गए हैं, रेट्रोफिट के तहत यात्री क्षेत्र के अंदर की दीवारों और छतों, ड्राइवर के आस-पास वाला कैब एरिया और ट्रेनों के आगे के हिस्से को फिर से पेंट करके इन सभी खराबियों को दूर किया जा रहा है.

सीसीटीवी निगरानी प्रणाली

इन ट्रेनों में पहली बार यह सुविधा दी गई है. सीसीटीवी कवरेज से यात्रियों को बेहतर निगरानी और सुरक्षा मिलेगी.ओवरहेड हाई-टेंशन लाइनों की निगरानी के लिए कैटेनरी कैमरा दिया गया है. ट्रेन ऑपरेटर को प्लेटफॉर्म के पिछले छोर को देखने के लिए वैकल्पिक कोचों में ट्रेनों के दोनों किनारों पर प्लेटफॉर्म कैमरे भी लगाए गए हैं.

फायर डिटेक्शन सिस्टम

यात्रियों की सुरक्षा बढाने के लिए पहली बार इन ट्रेनों में यह सुविधा भी जोड़ी गई है. किसी भी तरह की गर्मी बढ़ने या धुंआ निकले की स्थिति में, यह सिस्टम ट्रेन ऑपररेटर के लिए अलार्म बजाएगा और एचवीएसी को इमरजेंसी वेंटिलेशन मोड पर चलाएगा. मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग की भी सुविधा मुहैया कराई जाएगी.